
छह साल बाद तुलसीनगर, मानीकलां और महंगावां हॉल्ट पर रुकेगी ट्रेन, स्थायी सेवा की मांग

जौनपुर। त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी-अयोध्या रेलखंड पर 18 अक्टूबर से 30 नवंबर तक मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन के 44 फेरे निर्धारित किए गए हैं। इससे तुलसीनगर, मानीकलां हॉल्ट और महंगावां हॉल्ट के यात्रियों को करीब छह साल बाद ट्रेन सेवा मिलने की उम्मीद जगी है।
कोरोना काल से पहले इन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेन का ठहराव होता था, लेकिन बाद में सेवा बंद हो गई। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। अब त्योहारों के दौरान मेमू ट्रेन चलने की घोषणा से यात्रियों में खुशी है।
हालांकि, छह साल तक रेल सेवा बंद रहने के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेल सेवा बंद होने से रोजमर्रा के कामकाज, नौकरी और अन्य जरूरी यात्राओं में दिक्कत हुई। अब ट्रेन संचालन की घोषणा के बाद रेलमंत्री को धन्यवाद दिया जा रहा है, लेकिन नियमित सेवा बहाल कराने के लिए पहले कितने प्रयास हुए, यह भी चर्चा का विषय है।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि त्योहारों के लिए चलाई जा रही मेमू ट्रेन को राहत का अस्थायी उपाय मानने के बजाय इस रेलखंड पर नियमित यात्री ट्रेन सेवा बहाल की जाए। उनका कहना है कि वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब तुलसीनगर, मानीकलां और महंगावां हॉल्ट पर त्योहारों के बाद भी नियमित रूप से ट्रेनें रुकेंगी।








