
देशभक्ति, शहादत और राष्ट्रसेवा की गूंज से गूंजा जौनपुर का बंसफा पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा- सशक्त समाज के लिए अन्याय और भेदभाव को समाप्त करना होगा



जौनपुर
राष्ट्रवादी नौजवान सभा द्वारा 02 अक्टूबर 2026 को नागेश्वर सिंह घाट, बंसफा, सिकरारा, जौनपुर में आयोजित “शाम इंकलाबी” कार्यक्रम देशभक्ति, शहादत और राष्ट्रसेवा के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता की।
शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की जयंती के उपरांत तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महान राष्ट्रनायकों के जीवन, संघर्ष, त्याग और विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रवादी नौजवान सभा के संस्थापक एवं पूर्व सांसद धनंजय सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से सरदार भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों और उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के लिए आजादी केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे जिसमें शोषण, अन्याय और भेदभाव के लिए कोई स्थान न हो। सशक्त समाज के लिए अन्याय और भेदभाव को समाप्त करना होगा।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को साहस, विचारों की स्वतंत्रता, तर्कशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगत सिंह के विचारों को केवल पुस्तकों और स्मृतियों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी उन्हें स्थान दें।
उन्होंने महात्मा गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद भगत सिंह, महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए राष्ट्रसेवा, सामाजिक एकता और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी नागरिकों, युवाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। “शाम इंकलाबी” का समापन राष्ट्रप्रेम, एकता और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ हुआ।














