बलिया/मुजफ्फरनगर। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के निजी सहायक (पीए) की हत्या के चर्चित मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में बलिया जनपद से दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस और सीबीआई की संयुक्त टीम ने आरोपी क्षत्रिय राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से उस समय पकड़ा गया, जब वह हरिद्वार भागने की फिराक में था।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी क्षत्रिय राज सिंह बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के सांवरा रतोपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को काफी समय से उसकी तलाश थी। सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पुलिस से बचने के लिए विभिन्न राज्यों में छिपकर रह रहा था।
सीबीआई और स्थानीय पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी पश्चिम उत्तर प्रदेश के रास्ते हरिद्वार जाने वाला है। सूचना मिलते ही मुजफ्फरनगर पुलिस और सीबीआई की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। टीम ने छपार टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक वाहन में सवार क्षत्रिय राज सिंह को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और पहचान की पुष्टि के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए की हत्या के बाद से ही मामले की जांच कई एजेंसियां कर रही थीं। इस हत्याकांड ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी थी। जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों की तलाश तेज की गई। इससे पहले भी बलिया से जुड़े एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब राज सिंह की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में आरोपी की क्या भूमिका थी और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई अधिकारियों ने फिलहाल मामले में अधिक जानकारी साझा करने से इनकार किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद बलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं।


