जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जनपदीय स्वीकृत समिति सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर), सामान्य वर्ग एवं अनुसूचित जाति शादी अनुदान योजना से संबंधित जनपदीय स्वीकृत समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए पात्र लाभार्थियों को अनुदान स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक की शुरुआत में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी द्वारा शासनादेश दिनांक 18 जुलाई 2016 के प्राविधानों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पिछड़ी जाति शादी अनुदान योजना पूर्णतः ऑनलाइन एवं कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के माध्यम से संचालित है तथा इसमें आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) अनिवार्य है। साथ ही आवेदक शादी की तिथि से 90 दिन पूर्व एवं 90 दिन बाद तक आवेदन कर सकते हैं। योजना में वार्षिक आय सीमा एक लाख रुपये एवं कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक निर्धारित है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च 2026 में सम्पन्न शादियों से संबंधित 57 पात्र आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये की दर से अनुदान दिया जाएगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 अप्रैल 2026 के बाद सम्पन्न शादियों से संबंधित कुल 371 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें खण्ड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी स्तर से सत्यापित किया गया है। समिति ने सभी 371 पात्र लाभार्थियों को अनुदान स्वीकृत करने की अनुमति प्रदान की।
इसी क्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति शादी अनुदान हेतु 1195 तथा सामान्य वर्ग हेतु 552 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में सामान्य वर्ग के 76 एवं अनुसूचित जाति के 237 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से क्रमशः 39 एवं 77 आवेदन सत्यापित होकर प्राप्त हुए हैं।
बैठक में बताया गया कि सामान्य वर्ग शादी अनुदान योजना हेतु 27.60 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध है, जबकि अनुसूचित जाति योजना हेतु अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। समिति ने सामान्य वर्ग के 76 लाभार्थियों को अनुदान स्वीकृत किए जाने की अनुमति दी, जबकि अनुसूचित जाति के सत्यापित आवेदनों पर बजट उपलब्ध होने के बाद स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए तथा सत्यापन एवं स्वीकृति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


