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    लोक संस्कृति समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम

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    जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुजरात दिवस के अवसर पर शुक्रवार को महिला छात्रावास में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने गुजरात की लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। मुख्य अतिथि रामानंद सरस्वती पुस्तकालय आजमगढ़ की निदेशिका हिना देसाई ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गुजरात की निवासी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों से मिला प्रेम, अपनापन और स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। कुलपति प्रो वंदना सिंह ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का संगम है और गुजरात की संस्कृति से जुड़ाव हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है और हम सभी मिलकर देश को विकसित भारत बनायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की भी यही भावना है कि विद्यार्थी देश की विभिन्न संस्कृतियों से परिचित हों और उनसे प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास करें।
    गुजरात दिवस के समन्वयक प्रो प्रदीप कुमार ने दिवस के अंतर्गत आयोजित गए विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
    सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजक डॉ अन्नू त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुजराती परिधान में फैशन शो का भी आयोजन किया गया। संचालन श्रेया मौर्य और कृति पांडे ने किया।
    इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो अविनाश पाथर्डीकर, नोडल अधिकारी डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, सहायक कुलसचिव सरला यादव, डॉ निमिषा यादव, डॉ कृष्णा सिंह, अनामिका मिश्रा, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।

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