
पुण्य संस्कार से ही मनुष्य को होती है ईश्वर की प्राप्ति-सतीश यादव

खेतासराय। क्षेत्र के शाहापुर गांव में जयगुरुदेव के अनुयायियों की ओर से गुरुवार को सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें जयगुरुदेव धर्मप्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय उपदेशक सतीशचंद्र यादव ने पुण्य संस्कार पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि पुण्य संस्कारों के उदय होने पर ही मनुष्य के अंदर ईश्वर प्राप्ति की तड़प जागृत होती है और उसे ईश्वर की प्राप्ति होती है। धर्म पर उपदेश देते हुए कहा कि दुनिया में पहले वैदिक धर्म था। आज धर्म के नाम पर लोगों में दूरियां बन रही है। महर्षि बाल्मीकि आदिकवि और ब्रह्म ज्ञानी थे। उन्होंने सबसे पहले बाल्मीकि रामायण की रचना संस्कृत में किया था। आज रामायण और गीता से ही हिन्दू धर्म बचा है। लोगों के खान पान पर विशेष ध्यान देने को लेकर कहा कि मांस, मछली, अंडा जैसे चीजों को अपने भोजन का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। किसी भी नशा का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे बुद्धि का नाश हो जाए। सत्संग की सफलता पर आयोजक समरबहादुर यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सुरेश यादव, रामजीवन सिंह, गोरखनाथ, लालजी यादव, दलसिंगार, कामता प्रजापति, श्यामबली बिन्द, रामआसरे बिंद, राजबहादुर, राजेंद्र प्रसाद यादव, हनुमान मौर्या, मतई समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।








