
पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की स्थिति पर आयोग ने की समीक्षा

जौनपुर। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामऔतार सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आयोग के सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने अध्यक्ष और सदस्यों को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न और पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया। बैठक में जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के साथ स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व तथा आरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
आयोग ने आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर ग्रामीण निकायों में ओबीसी वर्ग की भागीदारी और आरक्षण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निर्धारित आरक्षण प्रतिशत के नियमानुसार क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। आयोग के सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्यों, वार्ड सदस्यों और ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों से संवाद कर पिछड़े वर्ग की जातियों के समीकरण, राजनीतिक स्थिति तथा गांवों में उनकी आबादी से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अखिलेश कुमार ने आयोग को स्थानीय निकायों एवं निर्वाचन से संबंधित उपलब्ध तथ्यों से अवगत कराया। आयोग ने ओबीसी वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए आवश्यक आंकड़ों और तथ्यों के संकलन पर जोर दिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, परियोजना निदेशक डीआरडीए केके पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन सिंह, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विधि संस्थान की फ्रेशर पार्टी में शाक्य अभय वर्धन बने मिस्टर फ्रेशर, सृष्टि गुप्ता बनीं मिस फ्रेशर







