
नपा ने पांच हजार भवन स्वामियों को भेजा नोटिस

- नपा ने पांच हजार भवन स्वामियों को भेजा नोटिस
- मीरपुर-सैदनपुर में सर्वे के बाद टैक्स वसूली तेज
- 31 वार्डों से हो रही नियमित राजस्व वसूली
- छह वार्डों में सर्वे और सत्यापन अंतिम चरण में
जौनपुर। नगर पालिका परिषद ने हाउस टैक्स और पानी के टैक्स की वसूली की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। मीरपुर और सैदनपुर वार्ड में सर्वे पूरा होने के बाद करीब पांच हजार भवन स्वामियों को नोटिस भेजा गया है। नगर पालिका ने भवन मालिकों से जरूरी दस्तावेज और निर्धारित समय में जवाब मांगा है। समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार टैक्स की वसूली की जाएगी।
2017 में आठ नए वार्ड जुड़े
नगर पालिका परिषद की सीमा का विस्तार वर्ष 2017 में किया गया था। उस समय आठ नए वार्ड नगर पालिका में शामिल किए गए थे। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका क्षेत्र में कुल 39 वार्ड हो गए। नए वार्डों के शामिल होने के बावजूद इन सभी क्षेत्रों से तत्काल टैक्स की वसूली शुरू नहीं हो सकी थी। अब नगर पालिका प्रशासन चरणबद्ध तरीके से इन वार्डों को कर व्यवस्था से जोड़ रहा है।
अब 31 वार्डों से राजस्व वसूली
नगर पालिका परिषद के कुल 39 वार्डों में से अभी तक 31 वार्डों से ही नियमित रूप से राजस्व लिया जा रहा था। शेष वार्डों में भवनों के सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। नगर पालिका प्रशासन का लक्ष्य सभी पात्र भवन स्वामियों को कर व्यवस्था के दायरे में लाकर राजस्व में बढ़ोतरी करना है।
मीरपुर सैदनपुर का सर्वे पूरा
मीरपुर और सैदनपुर वार्ड में भवनों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। सर्वे के दौरान दोनों वार्डों में करीब पांच हजार मकान पाए गए। भवनों का विवरण जुटाने के बाद संबंधित भवन स्वामियों को हाउस टैक्स और पानी के टैक्स से संबंधित नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस के माध्यम से भवन स्वामियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
छह वार्डों का सत्यापन अंतिम चरण
नगर पालिका सीमा में शामिल अन्य छह वार्डों में भी सत्यापन का काम चल रहा है। कलीचाबाद, चांदपुर, गंगापट्टी, डेरायूसुफ, हरदीपुर और देवचंदपुर वार्डों में सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में भवनों की संख्या और कर योग्य संपत्तियों का विवरण तैयार होने के बाद यहां भी टैक्स वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
राजस्व बढ़ाने पर प्रशासन का जोर
नगर पालिका परिषद का पूरा ध्यान अब राजस्व बढ़ाने पर है। नए क्षेत्रों में भवनों का सर्वे कर उन्हें कर व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया कदम है। नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि नए भवन स्वामियों से नियमानुसार टैक्स मिलने से नगर पालिका की आय में बढ़ोतरी होगी। इससे शहर में विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए राजस्व उपलब्ध होगा।
जवाब नहीं मिलने पर होगी वसूली
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी धर्मराज ने बताया कि सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका में शामिल हुए नए वार्डों के लोग भी अब टैक्स के दायरे में आएंगे। उन्होंने बताया कि मीरपुर और सैदनपुर वार्ड का सर्वे पूरा होने के बाद करीब पांच हजार भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में मांगे गए दस्तावेज और जवाब निर्धारित समय में उपलब्ध नहीं कराने पर नियमानुसार टैक्स की वसूली की जाएगी।








