
अगले 20 वर्षों की जरूरत के हिसाब से बनेगा डिजिटल नेटवर्क

- अगले 20 वर्षों के लिए तैयार होगा डिजिटल नेटवर्क
- पीयू में लगेंगे ढाई से तीन हजार इंटरनेट प्वाइंट
- कक्षाओं से छात्रावास तक पहुंचेगा नया नेटवर्क
- ई-बुक और ई-जर्नल का उपयोग होगा आसान
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अगले 20 वर्षों की शैक्षणिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय परिसर में करीब ढाई से तीन हजार इंटरनेट प्वाइंट लगाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रशासनिक और शैक्षणिक भवनों, कक्षाओं, छात्रावासों, लाइब्रेरी, आवासीय परिसर और गेस्ट हाउस सहित कैंपस के अन्य प्रमुख हिस्सों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
नेटवर्क की मौजूदा स्थिति का आकलन शुरू
नई व्यवस्था के लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। संबंधित स्तर पर विश्वविद्यालय में पहले से मौजूद नेटवर्क व्यवस्था की स्थिति और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर इंटरनेट प्वाइंट के स्थान और उनकी क्षमता तय की जाएगी।
विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर डिजिटल सुविधा
विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य केवल भवनों तक इंटरनेट की सुविधा पहुंचाना नहीं है, बल्कि पूरे परिसर में ऐसी कनेक्टिविटी तैयार करना है, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार उपयुक्त स्थान से डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें। पढ़ाई, शोध, कार्यालयी काम और ऑनलाइन सेवाओं के लिए इंटरनेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
कक्षाओं में ई-कंटेंट का होगा उपयोग
कक्षाओं और शैक्षणिक भवनों में नेटवर्क की सुविधा मिलने से ई-कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और अन्य डिजिटल अकादमिक संसाधनों का उपयोग आसान होगा। शिक्षक और विद्यार्थी इंटरनेट आधारित अध्ययन सामग्री का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे शिक्षण व्यवस्था में डिजिटल संसाधनों की भूमिका और बढ़ने की उम्मीद है।
लाइब्रेरी में आसान होगी शोध सामग्री
लाइब्रेरी को भी नए नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यहां विद्यार्थियों और शोधार्थियों को ई-बुक, ई-जर्नल और विभिन्न ऑनलाइन शोध सामग्री तक पहुंच आसानी से मिल सकेगी। इससे शोध कार्य के लिए डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
छात्रावासों में भी पहुंचेगा इंटरनेट नेटवर्क
छात्रावासों को नेटवर्क से जोड़ने की योजना का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। वे अपने आवासीय परिसर से ही अध्ययन, शोध और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े ऑनलाइन संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे कैंपस में डिजिटल सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा।
कार्यालयी कामकाज में भी मिलेगी सुविधा
प्रशासनिक भवनों में नेटवर्क के जरिए डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन कार्यालयी कार्य और विभिन्न सरकारी एवं विश्वविद्यालय पोर्टल के संचालन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कार्यालयी कार्यों को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
बीस साल की जरूरतों पर बनी योजना
कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में अगले 20 वर्षों की शैक्षणिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर नेटवर्क की क्षमता और विस्तार की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं का आकलन शुरू हो चुका है। इसके आधार पर भविष्य के लिए मजबूत डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जाएगा।








