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    बरेली से जीत कर उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे गोविंद बल्लभ पंत

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    Sep 10, 2026 #News
    बरेली से जीत कर उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे गोविंद बल्लभ पंत
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    महाभारत काल में द्रोपदी भी कहलाई पांचाली

    बरेली। बरेली जिले का ऐतिहासिक महत्व पांचाल क्षेत्र से जाना गया जहां पांचाली नाम से जानी गई पांडव परिवार की पुत्र वधु द्रोपदी इसी बरेली के आंवला में पांचाल नरेश की पुत्री थी। आज भी आंवला में लीलौर झील एवं किला के अवशेष बचे हुए संरक्षित हैं। राजनीतिक जगत में भी बरेली का देश प्रदेश में भी जलवा रहा। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे भारत रत्न से सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने भी अपना चुनाव बरेली शहर से ही लड़ा था। वर्ष 1952 में हुए विधान सभा चुनाव में बरेली शहर सीट से गोविंद बल्लभ पंत कांग्रेस के उम्मीदवार थे। जबकि जनसंघ से उस समय के जकाती मोहल्ला निवासी प्रसिद्ध वकील एवं जिला बार एसोसियेशन के पदाधिकारी रहे मनमोहन लाल माथुर को उन्होंने कड़े संघर्ष में हराकर विजय प्राप्त कर विधान सभा में पहुंचे थे। इसके बाद ही गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश सरकार के प्रथम मुख्यमंत्री बने थे। स्वतन्त्र भारत के नवनामित राज्य उत्तर प्रदेश के भी वे 26 जनवरी 1950 से लेकर 27 दिसम्बर 1954 तक मुख्य मन्त्री रहे। गोविन्द बल्लभ पंत जी 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1954 तक (स्वतंत्रता से पहले 1937- 1939 और स्वतंत्रता के बाद) संयुक्त प्रांत/उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे। बाद में गोविंद बल्लभ पंत वर्ष 1955 से 1961 तक उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्री का पद संभाला। गोविंद बल्लभ पंत का जन्म
    10 सितंबर 1887 को खूंट गांव, जिला अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ था। उनके माता पिता का नाम गोविंदी पंत और मनोरथ पंत था।
    7 मार्च 1961 को दिल्ली में गोविंद बल्लभ पंत का निधन हुआ था। आज उनकी 139 वी जयंती है । इसके बाद में बरेली शहर सीट से 1967 तक हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का ही वर्चस्व ही रहा। 1969 में बीकेडी के रामसिंह खन्ना जीते जो बाद में 1980 में कांग्रेस में आकर बरेली से जीतकर प्रदेश में नगर विकास मंत्री बने। इसके बाद बरेली शहर सीट से जीतकर बीजेपी के डॉ दिनेश जौहरी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बने। उनके बाद राजेश अग्रवाल इस बरेलीशहर सीट से जीतकर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री बरेली कैंट सीट से जीतकर विधान सभा अध्यक्षभी बने। बाद में राजेश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद में बरेली शहर से बीजेपी से तीन बार जीतकर अब डॉ अरुण कुमार प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री हैं। बरेली लोकसभा सीट से ही बीजेपी के सांसद संतोष कुमार गंगवार आठ बार जीत के केंद्र सरकार में पेट्रोलियम, वस्त्र एवं वित्त मंत्री रहे। आजकल संतोष कुमार गंगवार झारखंड में राज्यपाल का दायित्व संभाल रहे हैं।
    स्मार्ट सिटी बरेली नाथ नगरी के नाम से भी जाना जाता है। विश्वविख्यात बरेली जिला साम्प्रदायिक सदभाव का उदाहरण है। सनातन धर्म के साथ साथ इस्लाम के सुन्नी सम्प्रदाय का प्रमुख बरेलवी मसलक आला हजरत यहीं विकसित हुआ। सूफी खानकाहे नियाजिया दरगाह भी बरेली शहर में है । मुस्लिम व्यवसाई फजल उर रहमान उर्फ चुन्ना मियां द्वारा कारसेवा कर बनवाया चुन्ना मियां मंदिर भी है। इसके अलावा आंवला में जैन पंथ के 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ जी की कर्मस्थली के रूप पर भी इसकी विशिष्ट पहचान है। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखने वाला जिला बरेली देश और प्रदेश की राजनीति में बहुत प्रभावशाली रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात गोविन्द बल्लभ पंत के रूप में उत्तर प्रदेश को पहला मुख्यमंत्री देने का गौरव बरेली को ही प्राप्त है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड के पहले मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की कर्मस्थली भी बरेली जिला ही रहा था।

    बरेली लोकसभा के लिए पहला चुनाव वर्ष 1952 में हुआ जिसमे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर विजयी होकर सतीश चन्द्र अग्रवाल संसद पहुंचे। इसके बाद 1957, 1962 और 1971 के लोकसभा चुनावों में भी बरेली की जनता ने सतीश चन्द्र अग्रवाल को ही अपना प्रतिनिधि चुनकर लोकसभा पहुंचाया। वह रक्षा राज्य मंत्री रहे। वर्ष 1962 में भारतीय जनसंघ के टिकट पर ब्रजराज सिंह सांसद चुने गए और 1977 में लोकदल के प्रत्याशी के तौर पर राममूर्ति जी को सांसद चुना गया। आपातकाल के बाद हुए चुनावों में एक बार फिर कांग्रेस ने बरेली की राजनीति में वापसी की। वर्ष 1980 और 1984 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी बेगम आबिदा अहमद चुनकर लोकसभा पहुंचीं। इसके बाद भाजपा ने इस लोकसभा सीट पर अपनी जड़े ली।

    सिर्फ 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण सिंह ऐरन को यहां की जनता ने अपना सांसद चुना था। बाद में फिर संतोष कुमार गंगवार विजयी होते रहे। उनके बाद बीजेपी के ही छत्रपाल गंगवार सांसद हैं। मेनका गांधी ने पीलीभीत के बाद बरेली के आंवला लोकसभा का बीजेपी से प्रतिनिधित्व किया। संजय गांधी के पुत्र वरूण गांधी ने भी बरेली जिले के बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र के लोगों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया था। हैं। बरेली में वर्तमान में बीजेपी के एक सांसद, सात विधायक, 3 एम एल सी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह ठाकुर, सरदार हरि सिंह ढिल्लों, मेयर डॉ उमेश गौतम, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि पटेल, के अलावा बीजेपी ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी भी हैं। निर्भय सक्सेना

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