प्रयागराज। राजभाषा हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर हिन्दी विभाग, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, प्रयागराज द्वारा ‘कृत्रिम मेधा (AI) और हिन्दी’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता भारतीय भाषा केंद्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गंगा सहाय मीणा रहे।
डॉ. गंगा सहाय मीणा ने कृत्रिम मेधा की बढ़ती उपयोगिता, संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामान्यतः तकनीकी विकास के नकारात्मक पक्षों पर अधिक चर्चा होती है, जबकि तकनीकी विकास को ज्ञान की दुनिया के लोकतांत्रिक विस्तार से जोड़कर देखने की आवश्यकता है। उन्होंने ज्ञान के उत्पादन और प्रसार में कृत्रिम मेधा की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए AI की कार्यप्रणाली का सूक्ष्म विवेचन किया तथा उसकी सीमाओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के कुलानुशासक एवं हिन्दी विभाग के आचार्य मार्तंड सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में उन्होंने समाज में हो रहे तीव्र तकनीकी विकास से जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हिन्दी भाषा के संदर्भ में कृत्रिम मेधा की संभावनाओं पर भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेंद्र मीणा, डॉ. चंद्रशेखर मीणा, डॉ. सौरभ कुमार सिंह, डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. नामित कुमार सिंह, डॉ. कुलदीप मीणा एवं डॉ. अनुपमा सहित शोधार्थी तथा स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. बृजेश कुमार यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रंजना सिंह ने किया।

