पंचायत भवन परिसर में वॉलीबॉल खेलने से रोकने का आरोप, नेट-बांस हटाए जाने से नाराज युवाओं ने प्रधान से की मुलाकात
जौनपुर। धर्मापुर विकास खंड के कुछमुछ गांव में खेल मैदान की सुविधा न होने से गांव के बच्चों और युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के युवा शाम के समय पंचायत भवन की बाउंड्री के अंदर खाली पड़ी जगह पर बांस-बल्ली के सहारे नेट लगाकर वॉलीबॉल खेलते थे। युवाओं का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा पंचायत भवन परिसर में खेलने की अनुमति न होने की बात कहते हुए उन्हें वहां खेलने से रोक दिया गया।
ग्रामीण युवाओं का आरोप है कि ग्राम प्रधान लालजी यादव के कहने पर ग्राम पंचायत सहायक द्वारा वॉलीबॉल का नेट और उसे लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए बांस भी वहां से हटाकर ले जाए गए। युवाओं का कहना है कि इस तरह की घटना दूसरी बार हुई है, जिससे उनमें नाराजगी है।
युवाओं का कहना है कि कुछमुछ बड़ा गांव होने के बावजूद आज तक बच्चों और युवाओं के लिए कोई समुचित खेल मैदान उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में गांव के लड़कों ने अपने स्तर से पंचायत भवन परिसर की खाली जगह में वॉलीबॉल खेलने की अस्थायी व्यवस्था की थी, लेकिन उसे भी हटा दिए जाने से उनके सामने खेलकूद के लिए जगह का संकट खड़ा हो गया है।

मामले को लेकर गांव के युवा एकजुट होकर ग्राम प्रधान के घर पहुंचे। युवाओं ने प्रधान से हटाए गए नेट और बांस-बल्ली वापस दिलाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने गांव में बच्चों और युवाओं के लिए स्थायी खेल मैदान की व्यवस्था कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सहायक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पंचायत सहायक गांव में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और ग्राम पंचायत से जुड़े कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं लेते, जिसके कारण ग्रामीणों को पंचायत संबंधी आवश्यक कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अब गांव के युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है। युवाओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पंचायत भवन परिसर से वॉलीबॉल का नेट और बांस हटाए जाने की परिस्थितियों की जांच कर उचित कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत सहायक की कार्यप्रणाली की भी जांच कराने की मांग की है।
युवाओं की सबसे प्रमुख मांग है कि कुछमुछ गांव में बच्चों और युवाओं के लिए एक स्थायी एवं सुविधायुक्त खेल मैदान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव की नई पीढ़ी को खेलकूद के लिए भटकना न पड़े।
फिलहाल ग्राम प्रधान द्वारा उनका नेट वापस किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद युवा वापस लौट गए।

