
रबी की फसल में अधिक उत्पादन के लिए बीज और भूमि का करें शोधन

जौनपुर। रबी की फसलों को बीज एवं भूमि जनित रोगों से बचाने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों को बीजशोधन और भूमिशोधन करने की सलाह दी गई है। जिला कृषि अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि बुवाई और पौधरोपण से पहले अनुशंसित कृषि रक्षा रसायनों एवं जैविक रसायनों से बीज और भूमि का उपचार करने से फसलों को शुरुआती अवस्था में ही कीटों और रोगों से बचाया जा सकता है। इससे उत्पादन लागत कम होने के साथ गुणवत्तायुक्त पैदावार प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि दीमक, सफेद गिडार, सूत्रकृमि, कटवर्म और मिली बग सहित कई कीट भूमि में मौजूद रहते हैं। इसके अलावा फफूंद और जीवाणु जनित रोग भी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इनकी रोकथाम के लिए आवश्यकतानुसार कृषि रक्षा रसायनों का प्रयोग करना पड़ता है, जिससे खेती की लागत बढ़ती है।
भूमिगत कीटों की रोकथाम के लिए ब्यूवेरिया बैसियाना एक प्रतिशत 2.5 किलोग्राम, फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत 25 किलोग्राम, क्लोरपाइरीफॉस 20 प्रतिशत 2.5 लीटर, मेटाराइजियम एनीसोप्ली 1.15 प्रतिशत 2.5 किलोग्राम अथवा कार्बोफ्यूरान 3 जी 25 से 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
बीजशोधन के लिए कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी दो ग्राम, थीरम 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2.5 ग्राम अथवा ट्राइकोडर्मा चार ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करने को कहा गया है। अधिक जानकारी के लिए किसान निकटतम कृषि रक्षा इकाई, सहायक विकास अधिकारी या जिला कृषि रक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
विधि संस्थान की फ्रेशर पार्टी में शाक्य अभय वर्धन बने मिस्टर फ्रेशर, सृष्टि गुप्ता बनीं मिस फ्रेशर







