
मशरूम उत्पादन से महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की नई राह, उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी ने किया निरीक्षण

बक्शा, जौनपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खण्ड बक्शा के ग्राम सभा नरी स्थित ‘सिराजे-ए-हिन्द मशरूम फार्म’ का उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी सिंह एवं जिला कृषि अधिकारी श्री विनय सिंह द्वारा भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।
इस दौरान साधना खरवार द्वारा संचालित जन कल्याण आजीविका स्वयं सहायता समूह, नरी की मशरूम उत्पादन इकाई का विस्तृत अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, उपलब्ध संसाधनों, उत्पादन गतिविधियों तथा समूह की महिलाओं द्वारा इस कार्य के माध्यम से आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।
उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम स्थान एवं सीमित संसाधनों में स्वरोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इस गतिविधि को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कृषि के साथ-साथ ऐसी वैकल्पिक आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
जिला कृषि अधिकारी श्री विनय सिंह ने कहा कि मशरूम उत्पादन जैसी कृषि आधारित गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की सहभागिता बढ़ाकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना ग्रामीण विकास की दिशा में उपयोगी पहल है।
चक्रवात ‘अर्णव’ से प्रभावित फसलों का भी किया स्थलीय निरीक्षण
विधि संस्थान की फ्रेशर पार्टी में शाक्य अभय वर्धन बने मिस्टर फ्रेशर, सृष्टि गुप्ता बनीं मिस फ्रेशरमशरूम उत्पादन इकाई के निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों द्वारा चक्रवात ‘अर्णव’ के प्रभाव से संभावित रूप से प्रभावित फसलों का किसानों के प्रक्षेत्रों पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान खेतों में खड़ी एवं प्रभावित फसलों की स्थिति का जायजा लेते हुए संभावित क्षति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने किसानों से फसल की वर्तमान स्थिति एवं हुए नुकसान के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
साथ ही, फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को प्रभावित फसलों का नियमानुसार स्थलीय सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा सके।
इस अवसर पर साधना खरवार, संचालिका, जन कल्याण आजीविका स्वयं सहायता समूह, नरी एवं अनुराग सिंह, सहायक विकास अधिकारी (कृषि), विकास खण्ड बक्शा सहित संबंधित लोग उपस्थित रहे।
मशरूम उत्पादन इकाई का निरीक्षण जहां ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा, वहीं चक्रवात प्रभावित फसलों का स्थलीय निरीक्षण किसानों की समस्याओं के प्रति कृषि विभाग की सक्रियता एवं संवेदनशीलता को दर्शाता है।







