जौनपुर। सिंगरामऊ क्षेत्र में शनिवार को आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अचानक बदले मौसम के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तूफान के बाद लोग देर शाम तक नुकसान से उबरने की कोशिश करते रहे।
सबसे अधिक परेशानी रतासी चौराहे के पास देखने को मिली, जहां सड़क पर एक विशाल पेड़ गिर जाने से यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। बाद में ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर पेड़ की डालियां काटीं और मार्ग को साफ करने का प्रयास किया, तब जाकर आवागमन धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
तेज हवाओं के चलते कई गांवों में छप्पर और टीनशेड भी उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। तुलापुर गांव में एक छप्पर अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे कई पशु दब गए। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया। ग्राम प्रधान दिनेश मिश्रा ने बताया कि गांव के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छप्पर हटाया और सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। कई जगह पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई। लाइनमैन राम सजीवन पाल ने बताया कि रतासी पाल बस्ती, तलवा हरिजन बस्ती, सराय और अर्जुनपुर गिरी बस्ती समेत चार स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए हैं। इसके अलावा कई जगह तार भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त खंभों को बदलने और टूटे हुए तारों की मरम्मत करने में लगभग 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।
स्थानीय ग्रामीण रमन, मुंशी अरुण जायसवाल और गोपाल दादा ने बताया कि आंधी-तूफान से क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। कई पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं और किसानों को भी नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी एकत्र की जा रही है।


