जौनपुर, 14 जुलाई। लाइन बाजार थाना पुलिस ने फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड चेन नेटवर्क चलाकर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान नौकरी का झांसा देकर लाए गए लगभग 30 युवक-युवतियों को भी सकुशल मुक्त कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक थार, एक बुलेट, एक पल्सर मोटरसाइकिल, 600 रुपये नकद तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देशन में की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी एमएस अर्थ इंटरप्राइजेज और रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर फर्जी नेटवर्क संचालित कर रहे थे। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के बेरोजगार युवाओं को 25 हजार रुपये प्रतिमाह नौकरी का झांसा देकर वाराणसी बुलाया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और ज्वाइनिंग के नाम पर प्रत्येक युवक से 30 से 35 हजार रुपये वसूले जाते थे। बदले में सामान्य किट देकर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा नहीं करने पर वेतन और जमा धनराशि न लौटाने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस जांच में कंपनी संचालक राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते में करीब 34 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। इस मामले में थाना लाइन बाजार में मुकदमा दर्ज कर राहुल राजभर, संतोष कुमार पटेल, हवलदार पाल, प्रदीप पाल, चंदन दोहरे, तिरोस राजभर और अरविंद राजभर को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।


