जौनपुर। पुलिस व्यवस्था और मानवता दोनों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक ज्ञात युवक की लाश छह दिनों से जिला अस्पताल की मोर्चरी में पड़ी सड़ रही है, लेकिन अब तक उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किस थाना पुलिस की लापरवाही के चलते यह स्थिति पैदा हुई।
जानकारी के अनुसार बिहार के मोतिहारी जनपद के पुदवा थाना क्षेत्र निवासी रंजय दुबे (40) 13 जून की सुबह ट्रेन से यात्रा के दौरान सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के हरपालगंज रेलवे स्टेशन के पास किसी ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्टेशन मास्टर की सूचना पर जौनपुर सिटी जीआरपी चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर में भर्ती कराया।
प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल को बदलापुर थाने पर तैनात होमगार्ड अशोक कुमार जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल गेट पर पहुंचते ही रंजय दुबे की मौत हो गई। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाकर संबंधित पुलिस को मेमो के माध्यम से सूचना भी दे दी गई।
आरोप है कि इसके बावजूद छह दिन बीत जाने के बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। भीषण गर्मी के बीच मोर्चरी में पड़ा शव सड़ने लगा और उसमें कीड़े पड़ गए। मृतक की पहचान होने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो संबंधित पुलिसकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही उजागर हो सकती है। फिलहाल यह मामला पुलिस की कार्यशैली और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

