
प्रयोगशाला में उगाया ऑयस्टर मशरूम, अब बिस्कुट बनाने की तैयारी में विद्यार्थी

बीएससी एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने कुलपति को भेंट किया मशरूम
महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान की प्रयोगशाला में 63 बैग में किया गया मशरूम का उत्पादन
मड़ियाहूं पीजी कॉलेज में छह नवंबर को लगेगा वृहद रोजगार मेला, 50 से अधिक कंपनियां करेंगी प्रतिभागजौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बीएससी एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर स्वयं उत्पादित ताजा ऑयस्टर मशरूम भेंट किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, अपनाई गई तकनीक और अपने व्यावहारिक अनुभवों को कुलपति के साथ साझा किया। भविष्य में मशरूम से बिस्कुट, नमकीन और समोसा जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी प्रयोग किए जाएंगे।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि कृषि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को प्रयोग और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर भी मिलने चाहिए। इस तरह की पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना विकसित करती है।
उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कृषि के क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता की बेहतर संभावनाएं प्रस्तुत करता है। कम स्थान और अपेक्षाकृत कम संसाधनों में भी इसका उत्पादन किया जा सकता है। विद्यार्थियों को ऐसे प्रयोगों को आगे बढ़ाते हुए कृषि की आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना चाहिए और नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए।
विद्यार्थियों ने बताया कि ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन उनके लिए कक्षा में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का उपयोगी अनुभव रहा। इससे उन्हें उत्पादन तकनीक के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यम की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
मशरूम का उत्पादन विश्वविद्यालय परिसर के महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान की प्रयोगशाला में किया गया। इसके लिए प्ल्यूरोटस सजोर-काजू और प्ल्यूरोटस फ्लोरिडा प्रजातियों के कुल 63 बैग तैयार किए गए। स्पॉनिंग के लगभग 25 दिन बाद पहली हार्वेस्टिंग की गई।
डॉ. शुभम सिंह बताया कि मौसम के अनुसार वर्षभर मशरूम की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन किया जा सकता है। सर्दियों में बटन और ऑयस्टर मशरूम तथा गर्मियों में मिल्की और पैडी स्ट्रॉ मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। बताया कि यह कम कैलरी वाला, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसमें विटामिन बी-2, बी-3 और बी-5 के साथ पोटैशियम, सेलेनियम, जिंक तथा अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं। प्रति 100 ग्राम मशरूम में लगभग 3 ग्राम प्रोटीन, 3.28 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 3 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है।
इस अवसर पर संस्थान के समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्रा, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. जे. पी. सिंह, डॉ. हरिवंश सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार यादव, डॉ. सत्यम प्रजापति एवं डॉ. विपिन उपस्थित रहे।




