
मोबाइल हैक कर 75 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 1.55 करोड़ रुपये होल्ड

जौनपुर। साइबर क्राइम थाना और सर्विलांस टीम ने मोबाइल हैक कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, नेपाली मोबाइल नंबर और एक चेकबुक बरामद की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में साइबर ठगी के करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये होल्ड कराए हैं। धनराशि वापस कराने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मैनेजर का व्हाट्सएप हैक कर चैटिंग के माध्यम से 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इसमें एक खाते में 45 लाख और दूसरे खाते में 30 लाख रुपये भेजे गए थे। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम समाज कल्याण एवं ग्रामीण विकास संस्थान और लखदातार इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित बैंक खातों में मंगाई गई थी। आरोप है कि गिरोह कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराता था और ठगी की रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित करता था। पुलिस की जांच में संबंधित खातों में करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम आने की जानकारी सामने आई। इन खातों के संबंध में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बिहार समेत विभिन्न राज्यों से छह शिकायतें भी दर्ज मिलीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार मिश्रा निवासी सोनौली, महराजगंज, लवकेश कुमार सिंह निवासी बाराबंकी और कमल यादव निवासी महराजगंज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ जौनपुर के अलावा महराजगंज, बाराबंकी और तमिलनाडु में भी मामले दर्ज हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल, सर्विलांस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर करीब 1.55 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में होल्ड कराए।
जौनपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में किसी अन्य व्यक्ति को न दें और ओटीपी, यूपीआई पिन तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।








