
भगवान चित्रगुप्त की आराधना प्रत्येक कायस्थ के जीवन का बने अभिन्न अंग : राकेश श्रीवास्तव

10 नवंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा, 11 नवंबर को रूहट्टा स्थित चित्रगुप्त मंदिर में होगा पूजनोत्सव
जौनपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक में भगवान चित्रगुप्त पूजनोत्सव को भव्य एवं श्रद्धापूर्ण ढंग से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 11 नवंबर को प्रातः 11 बजे से रूहट्टा स्थित भगवान चित्रगुप्त मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर जनपद के समस्त कायस्थ बंधुओं से सपरिवार शामिल होकर भगवान चित्रगुप्त का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेश महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त कायस्थ समाज के आराध्य देव हैं। प्रत्येक कायस्थ परिवार को अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना श्रद्धा और आस्था के साथ करनी चाहिए। जिन परिवारों के घरों में मंदिर स्थापित हैं, उन्हें वहां भगवान चित्रगुप्त को भी स्थान देकर नियमित रूप से उनकी आराधना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान चित्रगुप्त समस्त प्राणियों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही पुण्य और पाप का फल प्राप्त होता है। इसलिए हमें सदैव सत्कर्म, सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
कायस्थ समाज के वरिष्ठ सदस्य इन्द्रसेन श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त केवल एक दिन पूजे जाने वाले देवता नहीं हैं, बल्कि उनकी आराधना प्रतिदिन की जानी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि चित्रगुप्त पूजा की पूर्व संध्या पर 10 नवंबर को अपराह्न तीन बजे टाउन हॉल मैदान से भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो रूहट्टा स्थित चित्रगुप्त धर्मशाला तक पहुंचेगी। उन्होंने जनपद के सभी कायस्थ परिवारों से शोभायात्रा में सपरिवार शामिल होकर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने की अपील की।
बैठक में संरक्षक आनंद मोहन श्रीवास्तव, सरोज श्रीवास्तव, शशि श्रीवास्तव ‘गुड्डू’, धीरज श्रीवास्तव, श्याम रतन श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव एवं आशीष श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने भगवान चित्रगुप्त के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाज के लोगों से शोभायात्रा एवं पूजनोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ ही आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। सामूहिक सहभागिता से ही समाज की गौरवशाली परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।

इस अवसर पर एस.सी. लाल, दया शंकर निगम, राकेश श्रीवास्तव ‘साधु’, प्रदीप श्रीवास्तव, सुरेश अस्थाना, राजेश श्रीवास्तव, भाजपा नेता मनीष श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव बच्चा, रितेश श्रीवास्तव, अमित निगम, शिवम श्रीवास्तव, आर्यन श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, राज श्रीवास्तव,अनिल श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव सहित अनेक स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महासभा के जिला महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार संजय अस्थाना ने किया।
महासभा ने जनपद के समस्त कायस्थ परिवारों से अपील की है कि वे 10 नवंबर की शोभायात्रा और 11 नवंबर के पूजनोत्सव में सपरिवार शामिल होकर भगवान चित्रगुप्त का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा समाज की एकता और परंपराओं को सशक्त बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।








