
आदमपुर शिव मन्दिर के पास शराब की दुकान खुलने से भड़का जनाक्रोश

बरबसपुर से स्थानान्तरित होकर मन्दिर के पास खुली दुकान
क्षेत्रीय महिलाओं सहित श्रद्धालुओं को हो रही है असहजता
ग्रामीणों ने दुकान हटाने व शराबियों के खिलाफ कार्यवाही की उठायी मांग
जौनपुर। जनपद के करंजाकला विकास खण्ड के आदमपुर गांव में गोमती नदी के तट पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के निकट संचालित शराब की दुकान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शराब की दुकान को तत्काल धार्मिक स्थल से दूर स्थानांतरित करने की मांग किया है। ग्रामीणों के अनुसार यह प्राचीन शिव मंदिर आदमपुर, हिन्दी बघैला, तुर्की बघैला, सलहदीपुर, बरैया काजी, उत्तरपट्टी, बेलावा, बरबसपुर, कटेहरी समेत दर्जनों गांवों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के ठीक समीप शराब की दुकान संचालित होने से क्षेत्र का धार्मिक और सामाजिक वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
दिन भर लगा रहता है अवांछनीय तत्वों का जमावड़ा
ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान खुलते ही आस—पास शराबियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। कई बार लोग शराब पीने के बाद मंदिर परिसर तक पहुंच जाते हैं और खुले में मदिरापान करते हैं। इससे मंदिर की पवित्रता भंग हो रही है और पूजा-अर्चना के लिए आने वाली महिलाओं व श्रद्धालुओं को असहज स्थितियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह शराब की दुकान मूल रूप से बदलापुर तहसील के बरबसपुर गांव के लिए आवंटित की गई थी। वहां के ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने के बाद इसे आदमपुर स्थित शिव मंदिर के पास खोल दिया गया जिससे जनआक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि जनभावनाओं और धार्मिक स्थल की गरिमा का सम्मान करते हुए दुकान को किसी उपयुक्त स्थान पर भेजा जाए। साथ ही मंदिर परिसर के आस—पास सार्वजनिक रूप से मदिरापान करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।








