जौनपुर। जिले में ट्रक चालकों और मोटर मालिकों ने ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग और चालान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। वाहन मालिकों का कहना है कि लगातार चालान होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ चालकों ने चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार करने और दो हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।
शनिवार दोपहर करीब एक बजे सिपाह से मड़ियाहूं मार्ग पर फूलपुर अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान एक चालक के साथ कथित तौर पर सख्ती किए जाने की बात सामने आई। कुछ वाहन मालिकों ने यातायात पुलिसकर्मी दिवाकर कुमार की चेकिंग और चालान की कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें नियमों और चालान की वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। पैसे के लेन-देन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
मोटर मालिकों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन जरूरी है और नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी होनी चाहिए, लेकिन चेकिंग की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और चेकिंग व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पुलिस और ट्रांसपोर्टरों के बीच भरोसा बढ़ेगा।
वहीं, यातायात प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय ने आरोपों पर अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शहर में नो एंट्री लागू होने के बाद एक ट्रक चालक जबरन शहर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। ट्रैफिक सिपाही ने उसे रोका तो चालक बहस करने लगा। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार चालक ने मौके पर चार-पांच लोगों को बुलाकर भी बहस की। इसके बाद ट्रक का 48 हजार रुपये का चालान किया गया।

