मुख्यमंत्री बाल सेवा व पीएम केयर योजना के लाभार्थियों से संवाद, लक्ष्य तय कर मेहनत करने की दी सीख
जौनपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन योजना के लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की पढ़ाई, रुचियों, विद्यालय की व्यवस्थाओं और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। बच्चों द्वारा बताए गए सपनों को सुनकर उन्होंने उनका उत्साहवर्धन किया और लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से सहज अंदाज में पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस पर किसी ने शिक्षक, किसी ने वकील, इंजीनियर और डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो कुछ बच्चों ने अंतरिक्ष वैज्ञानिक और आईपीएस अधिकारी बनने का सपना साझा किया। बच्चों के आत्मविश्वास और उनके सपनों को सुनकर जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे पहले स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। इसके बाद लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और कड़ी मेहनत आवश्यक है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि परिस्थितियां व्यक्ति के सामने कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल सोशल प्लेटफॉर्म पर समय बिताने के बजाय पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में बच्चे की रुचि हो, उसी दिशा में पूरी निष्ठा से आगे बढ़ना चाहिए। खेलों में रुचि रखने वाले बच्चे खेल के क्षेत्र में भी अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं।
संवाद के दौरान एक छोटी बच्ची ने जिलाधिकारी के सामने अपने भविष्य का सपना साझा किया। बच्ची ने बताया कि वह बड़ी होकर त्वचा रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है और अपना अस्पताल खोलकर गरीब बच्चों का निशुल्क इलाज करना चाहती है। बच्ची की इस सोच और जरूरतमंदों की मदद करने की भावना को सुनकर जिलाधिकारी ने उसकी जमकर सराहना की। उन्होंने बच्ची का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वह अपने लक्ष्य को सामने रखकर मन लगाकर पढ़ाई करे और लगातार मेहनत करती रहे। बच्ची के आत्मविश्वास और समाजसेवा की भावना ने पूरे संवाद को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।
जिलाधिकारी ने बच्चों से उनके विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, नियमित पठन-पाठन और विद्यालय में आने वाली समस्याओं के बारे में बच्चों से सीधे बातचीत की। अटल आवासीय विद्यालय की छात्रा प्रियांशी से विद्यालय की व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षकों की उपलब्धता के बारे में पूछा। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षक नियमित रूप से आते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि शिक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या आवश्यकता हो तो वे उसे बेहिचक प्रशासन के संज्ञान में ला सकते हैं।
कुछ बच्चों ने विद्यालयों में खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने तथा खेल गतिविधियों को पर्याप्त समय नहीं दिए जाने की समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में खेलकूद की गतिविधियां पर्याप्त रूप से संचालित नहीं हो रही हैं, वहां विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों और उनके अभिभावकों से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों की भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि योजनाओं का लाभ समय से मिल रहा है या नहीं। अभिभावकों ने बताया कि उन्हें योजनाओं का लाभ समय से प्राप्त हो रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने इस अवसर पर बच्चों और अभिभावकों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के बाद बच्चों ने जिलाधिकारी के साथ संवाद को अपने लिए खास अनुभव बताया। बच्चों ने कहा कि उन्हें पहली बार अपने भविष्य के सपनों, पढ़ाई और रुचियों के बारे में खुलकर बात रखने का अवसर मिला। जिलाधिकारी से मिले मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उनका मनोबल बढ़ा है और उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा मिली है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश और समाज के भविष्य की नींव हैं। उनका समुचित विकास तभी संभव है, जब उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पांडेय, बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय समेत अन्य अधिकारी, लाभार्थी बच्चे और उनके अभिभावक मौजूद रहे।

