मुखाग्नि देते फफक पड़े पिता, दृश्य देख सबकी आंखें हुईं नम
खुटहन (जौनपुर)4 सितंबर। तिसौली गांव में बुधवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में नवदंपती की मौत के बाद शुक्रवार को पिलकिछा घाट पर एक ही चिता पर उनकी अंतिम विदाई हुई। जिस पिता ने तीन महीने पहले बेटे के सिर पर सेहरा सजते देखा था, उसी मिठाईलाल ने कांपते हाथों से बेटे गोविंद और बहू नेहा की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां जब पिलकिछा घाट पहुंचीं तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ माह पहले जिस घर में शादी की खुशियां और मंगलगीत गूंजे थे, वहीं से उठी दो अर्थियों ने हर किसी को झकझोर दिया। चिता के सामने खड़े पिता की बेबसी देख लोगों का कलेजा भर आया। एक साथ अग्नि के हवाले किए गए बेटे-बहू को अंतिम विदाई देते समय वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।
मिठाईलाल के 22 वर्षीय पुत्र गोविंद गौतम की शादी गत 10 मई को नेहा के साथ हुई थी। बुधवार रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। गुरुवार सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो स्वजनों ने उसे तोड़ा। भीतर नेहा का शव बेड पर और गोविंद का शव फंदे पर लटकता मिला था।
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को दोनों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के बाद दोनों की अर्थियां एक साथ पिलकिछा घाट ले जाई गईं। गोविंद की मां का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि छोटा भाई धर्मेंद्र परदेश में है।

