12 आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई को मिला सहारा, प्रवेश से लेकर फीस तक में किया सहयोग
जौनपुर। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि जरूरत के समय विद्यार्थी का हाथ थामकर उसे आगे बढ़ने की राह दिखाने वाला मार्गदर्शक भी होता है। शिक्षक दिवस पर गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार यादव ने अपने कार्यों से इसी भावना को साकार किया है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद 12 विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में सहयोग की पहल की है। प्रवेश प्रक्रिया से लेकर फीस और शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं में सहयोग मिलने से इन विद्यार्थियों के लिए आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई जारी रखने का रास्ता आसान हुआ है।
प्रो. राकेश कुमार यादव का कहना है कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। शिक्षक के रूप में उनका प्रयास रहता है कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले। उनका मानना है कि किसी विद्यार्थी की शिक्षा में किया गया सहयोग उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महसूस किया कि कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की यथासंभव मदद करना केवल शिक्षक का दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
प्रो. यादव की ओर से सहयोग पाने वाले विद्यार्थियों में रामनरेश प्रजापति (एमए हिंदी), सत्यम मिश्रा (एमए), खुशबू यादव (एमए इतिहास), ध्रुव यादव (एमए), शालिनी बारी (बीएड.), लकी यादव (बीएससी), पवन बिंद (बीए), अमन गुप्ता (बीए), दिवेश तिवारी (बीए), कीर्ति प्रजापति (बीए), सृष्टि गौतम (बीए) और रूपेश (बीए) शामिल हैं।
विषम परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखने में मिला सहारा
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में वर्ष 2023 में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र रामनरेश प्रजापति ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के दौर में प्रो. राकेश कुमार यादव ने उनकी शैक्षिक यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोग किया। उन्होंने फीस में सहायता करने के साथ एमए हिंदी में प्रवेश में भी मदद की। रामनरेश के अनुसार, आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई न रुके, इसके लिए प्रो. यादव लगातार जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करते रहे हैं। उनके सहयोग से उन्हें उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर मिला।
— रामनरेश प्रजापति, एमए हिंदी प्रथम सेमेस्टर, गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर, जौनपुर
पिता की मौत के बाद बढ़ी मुश्किलें, शिक्षक ने बढ़ाया मदद का हाथ
मां शारदा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, छीतमपट्टी की बीएड द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा शालिनी बारी ने बताया कि 14 जुलाई 2022 को उनके पिता शिव कुमार बारी हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हादसे का शिकार हो गए थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां बढ़ गईं। ऐसे समय में प्रो. राकेश कुमार यादव ने उनकी शिक्षा में सहयोग किया। उन्होंने बीए, एमए और बीएड की पढ़ाई के दौरान फीस में सहायता की, जिससे शालिनी अपनी शिक्षा जारी रख सकीं।
शालिनी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन सर के सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। शिक्षक दिवस पर उन्होंने प्रो. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

— शालिनी बारी, अमावां खुर्द, ईसापुर, जौनपुर
दो बहनों की पढ़ाई में मदद, प्रवेश से लेकर फीस तक दिया सहयोग
गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर की एमए इतिहास प्रथम सेमेस्टर की छात्रा खुशबू यादव ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनके पिता के लिए आगे की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन हो रहा था। ऐसे समय में प्रो. राकेश कुमार यादव ने उनके एमए और उनकी बहन लकी यादव के बीएससी में प्रवेश में सहयोग किया। इससे दोनों बहनों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला।
खुशबू ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण जब पढ़ाई रुकने की स्थिति बन रही थी, तब प्रो. यादव का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा। शिक्षक दिवस पर उन्होंने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

— खुशबू यादव, एमए इतिहास प्रथम सेमेस्टर, गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर
‘मुश्किल समय में मिला आगे बढ़ने का भरोसा’
छात्रा सृष्टि गौतम ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के बीच उच्च शिक्षा जारी रखना कई विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में प्रो. राकेश कुमार यादव की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रवेश और शिक्षा में सहयोग देना महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि आगे बढ़ने का भरोसा भी पैदा होता है। शिक्षक दिवस पर उन्होंने इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार भी
प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार यादव का शैक्षिक कार्य केवल कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहा है। वह विद्यार्थियों की शैक्षिक जरूरतों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा से जुड़े विषयों के प्रति भी सक्रिय रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग की यह पहल उनके इसी सामाजिक सरोकार का हिस्सा है।
प्रो. यादव वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के गोद गांव कार्यक्रम के समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक, गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर के इतिहास विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर रहे हैं। वह विद्या परिषद के सदस्य और अध्ययन परिषद-इतिहास के पूर्व संयोजक भी रहे हैं। इसके अलावा वह समता फाउंडेशन, शाहगंज के संस्थापक एवं मुख्य न्यासी हैं।
शिक्षक दिवस पर प्रो. राकेश कुमार यादव की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जिनकी प्रतिभा के सामने आर्थिक परिस्थितियां दीवार बनकर खड़ी थीं। शिक्षा के लिए बढ़ाया गया उनका यह सहयोग न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद कर रहा है, बल्कि शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते की उस मानवीय भावना को भी सामने ला रहा है, जिसमें ज्ञान के साथ संवेदना और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।

