
सड़क हादसे में पति की मौत, पत्नी को बीमा योजनाओं से मिले चार लाख

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना बनी परिवार का सहारा
जलालपुर। विकास खंड क्षेत्र के जहरीला कला गांव निवासी मनोज की सड़क हादसे में मौत के बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) उनके परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनीं। दोनों योजनाओं के तहत मृतक की पत्नी लतीता को दो-दो लाख रुपये, कुल चार लाख रुपये की बीमा राशि मिली है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, कुटीर पीजी कॉलेज चक्के शाखा के शाखा प्रबंधक अमित कुमार ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने परिवार को बीमा योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
50 लाख से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देशब्रेकर से टकराने पर हुई थी मनोज की मौत
जहरीला कला गांव निवासी 34 वर्षीय मनोज की करीब एक वर्ष पूर्व बाइक से घर लौटते समय प्रधानपुर गांव में सड़क पर बने ब्रेकर से टकराने से मौत हो गई थी। पति की अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। ऐसे कठिन समय में दोनों बीमा योजनाओं से मिली चार लाख रुपये की सहायता परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
बैंक ने पूरी प्रक्रिया में किया सहयोग
शाखा प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को दोनों बीमा योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बैंक स्तर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में हरसंभव सहयोग किया गया। उन्होंने कहा कि मनोज की असमय मौत बेहद दुखद है। किसी अपने को खोने का दर्द पैसों से पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसे कठिन समय में सरकारी बीमा योजनाएं परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करती हैं। लतीता को मिली चार लाख रुपये की सहायता आगे के जीवन में परिवार के लिए काफी मददगार साबित होगी।
लोगों से बीमा योजनाओं से जुड़ने की अपील
शाखा प्रबंधक ने लोगों से कम प्रीमियम में उपलब्ध प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कम राशि के प्रीमियम से इन योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है और किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिल सकती है।
चार बेटियों के परिवार को मिला आर्थिक संबल
मनोज की असमय मौत से पत्नी लतीता ने अपना जीवनसाथी और उनकी चार बेटियों ने अपना सहारा खो दिया। ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री की दोनों बीमा योजनाओं के तहत मिली चार लाख रुपये की सहायता ने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया है।












