
विद्यार्थियों की प्रतिभा का उत्सव है जीपीएलः कुलपति

खेल से विद्यार्थियों में विकसित होती है ऊर्जा अनुशासन
जीपीएल की तैयारी के संबंध हुई कुलपति सभागार में बैठक
जौनपुर। जौनपुर प्रीमियर लीग (जीपीएल) के विश्वविद्यालय में आयोजन को लेकर गठित आयोजन टीम के साथ कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने बुधवार को कुलपति सभागार में बैठक की। बैठक में प्रतियोगिता की तैयारियों, विद्यार्थियों की सहभागिता, अतिथियों के स्वागत, अनुशासन और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण बनाने के उद्देश्य से जौनपुर प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का जीवन केवल कक्षाओं और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें कैंपस लाइव में पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और टीमवर्क से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, जब मैं अपने विद्यार्थियों को मैदान में उत्साह, अनुशासन और टीम भावना के साथ देखता हूं, तो मुझे लगता है कि विश्वविद्यालय का वास्तविक जीवन यहीं दिखाई देता है। यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के सपनों, ऊर्जा और आत्मविश्वास का उत्सव है। हम चाहते हैं कि विद्यार्थी यहां से केवल जीतने की भावना लेकर न जाएं, बल्कि सहयोग, अनुशासन और एक-दूसरे का सम्मान करना भी सीखें।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों में स्किल डेवलपमेंट के लिए इसी प्रकार के अवसर लगातार उपलब्ध कराने होंगे। खेलों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का कौशल, अनुशासन और संघर्ष करने की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल गतिविधियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, यह विश्वविद्यालय केवल प्रशासन या कुछ अधिकारियों का नहीं, बल्कि हम सभी का है। इसकी उपलब्धियां हमारी सामूहिक उपलब्धियां हैं और इसकी समस्याएं भी हम सबकी साझा जिम्मेदारी हैं। हम मिलकर समस्याओं का समाधान करेंगे और मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे। जीपीएल हमारा अपना कार्यक्रम है, इसे सफल बनाने में हर शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने आयोजन में आने वाले बाहरी अतिथियों के स्वागत और सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले अतिथि विश्वविद्यालय से अच्छी अनुभूति लेकर जाएं। आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था में अपनापन, सहयोग और संवेदनशीलता दिखाई देनी चाहिए।
बैठक में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए पहचान-पत्र अनिवार्य किए जाने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थी अपना पहचान-पत्र साथ रखें और आयोजन की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए प्रबंधन एवं फार्मेसी विभाग से स्वयंसेवकों का गठन किया गया है। ये स्वयंसेवक गेस्ट हाउस और हॉस्टल से लेकर खेल मैदान तक अतिथियों एवं प्रतिभागियों के आवागमन में सहयोग करेंगे।
बैठक में छात्र अधिष्ठाता प्रमोद कुमार यादव, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. रजनीश भाष्कर, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. नितेश जायसवाल, सुशील कुमार, उद्देश्य सिंह, ईश्विका सिंह सहित आयोजन टीम के सदस्य और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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