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    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली: अजीत प्रजापति

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    जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

    पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उन्होंने कहा कि भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने सर्वोच्च बलिदान दिया और उनका नारा “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।

    भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, अदम्य साहस और अखंड भारत के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। उन्होंने विकसित, आत्मनिर्भर और अखंड भारत के निर्माण को डॉ. मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

    संगोष्ठी को सुधाकर उपाध्याय, विकास शर्मा, दीपक सिंह मांटो, कृष्ण कुमार जायसवाल और सुरेन्द्र जायसवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता ने किया। इस अवसर पर पार्टी के अनेक पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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