लखनऊ। प्राविधिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों के सेवा संबंधी लंबित मामलों के समाधान एवं विभागीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एम.के. सुंदरम की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष सचिव विनोद कुमार सहित निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एस.पी. तिवारी, सतीश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा सेवा संघ के अध्यक्ष विवेक कुमार श्रीवास्तव, सदस्य डॉ. प्रियंका यादव, उपाध्यक्ष स्तुति श्रीवास्तव, वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर संघ के अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव, महामंत्री धर्मेंद्र सिंह तथा यशवंत नियोगी सहित कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेतन निर्धारण से संबंधित लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रशासनिक सेवा नियमावली के प्रख्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने और प्राविधिक शिक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के बेहतर एवं स्पष्ट अवसर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर संवर्ग से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उनके लिए पदोन्नति के नए मार्ग खोलने तथा पदनाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किए जाने का आश्वासन दिया गया।
इसके अलावा प्रदेश की अनुदानित शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत कार्मिकों के पदों की निरंतरता बनाए रखने, उनके नियमितीकरण के लिए ठोस नीति तैयार करने तथा विभाग में लंबे समय से लंबित अन्य प्रशासनिक एवं बंधन समाप्ति संबंधी प्रकरणों के शीघ्र समाधान के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने चर्चा को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई कि लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा और प्राविधिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अंत में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एस.पी. तिवारी ने सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

