जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह इस बार परंपरागत स्वरूप से अलग सामाजिक सरोकारों, नवाचार और स्वच्छता पर केंद्रित होगा। 27 जुलाई को प्रस्तावित समारोह के लिए राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नई गाइडलाइन जारी की है।
कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने निर्देश दिए हैं कि समारोह में उन्हें किसी प्रकार का स्मृति चिह्न, उपहार या सम्मान भेंट नहीं किया जाएगा। यदि कोई संस्था या व्यक्ति सहयोग करना चाहता है तो वह बच्चों के वितरण के लिए केवल कलर बुक उपलब्ध करा सकता है।
इस बार पहली बार शिक्षण, शोध, पेटेंट, नवाचार और शैक्षणिक गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें तीन शिक्षक संबद्ध महाविद्यालयों तथा एक शिक्षक विश्वविद्यालय परिसर से चयनित होंगे।
राज्यपाल ने समारोह की तैयारियों में स्वच्छता, हरित परिसर और साफ-सुथरे वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समारोह के एक-दो दिन के भीतर विश्वविद्यालय परिसर में मां-बेटी सम्मेलन आयोजित करने को भी कहा गया है।
समारोह को समाज से जोड़ने के उद्देश्य से जौनपुर और गाजीपुर के जिलाधिकारियों की ओर से 200-200 आंगनबाड़ी किट उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि 100 किट विश्वविद्यालय प्रशासन देगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में खेल, निबंध, चित्रकला सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी दीक्षांत समारोह के मंच से सम्मानित किया जाएगा।

