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    मनुष्य को तारती है कथा : प्रेम भूषण महाराजकेवल कान को सुख प्रदान करता है भजन ज्ञान प्रकाश सिंह ने कथा सुनाने का मुझे मौका दिया और आप को सुनने का

    BySatyameva Jayate News

    Nov 11, 2024
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    मनुष्य को अपने जीवन में कुछ पाने के लिए तपस्या करना जरूरी
    जौनपुर। बीआरपी इण्टर कॉलेज के मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह के पावन संकल्प से प्रायोजित सात दिवसीय रामकथा के दूसरे दिन कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान ज्ञान प्रकाश सिंह ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी। तत्पश्चात कथा शुरू हुई। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि भगवान की कथा गंगा जी के समान है और यह जहां उपस्थित होती हैं वह स्थानीय तीर्थ बन जाता है। मनुष्य जब तीर्थ में पहुंच जाता है तो वह अपने आप तीर्थ के प्रभाव से तर जाता है। कुछ लोग भजन सुनकर सुख का अनुभव करते हैं परन्तु भजन तो केवल कान को ही सुख देता है। जीव का कल्याण तो कथा ही करती है। भगवान की कथा मनुष्य को भगवान के शरण में पहुंचा देती है।
    अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक प्रेम भूषण महाराज ने व्यासपीठ से ज्ञान प्रकाश सिंह की प्रशंसा की और कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह के चलते मुझे आप लोगों को रामकथा सुनाने का मौका मिला और आप लोगों को सुनने का अवसर मिला। धन संग्रह करने से वह बढ़ता नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कन्नौज में एक व्यापारी के यहां कई सौ करोड़ मिला लेकिन अगर उस धन को परमार्थ में लगाए होते तो ऐसी विडम्बना देखने को नहीं मिलती जो यज्ञ करने का मन बना ले वह परम सौभाग्यशाली है।
    कथा के दूसरे दिन व्यासपीठ से रामकथा महिमा और भगवान के प्राकट्य की कथा का गायन करते हुए कहा कि रामचरित मानस में भी इसका वर्णन है कि जब हनुमान जी ने माता-सीता को भगवान की कथा सुनाई तो उनका सारा दुख भाग गया। हनुमान जी ने भगवान की कथा विभीषण की सुनाई तो उन्हें भगवान की शरणागति मिल गई। भगवान की कथा मनुष्य के हृदय के ताप को मिटाकर सभी संशय का नाश कर देती है। श्री राम कथा मनुष्य को सुखी जीवन के मार्ग और साधन प्रदान करती है। इस कलि काल में राम की कथा मनुष्य को पाप से बचाने के लिए कलमषी वृक्षों को काटने के लिए कुल्हाड़ी का कार्य करती है। कथा श्रवण करने वाला भटकने से बच जाता है और सत्कर्म में उसकी गति हो जाती है।
    महाराज जी ने कहा कि हर युग में उत्पाती रहते हैं फिर भी और युग से कलयुग में उत्पातियों की संख्या बहुत कम है। यह कथा सेवा भारती के बैनर तले चल रही है।
    इस मौके पर सेवा भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. तेज सिंह, डॉ. वेदप्रकाश, आयोग के सदस्य डॉ. आरएन त्रिपाठी, माउंट लिट्रा जी स्कूल के डायरेक्टर अरविंद सिंह, शिक्षक नेता प्रदीप सिंह, कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव, टीडीपीजी कॉलेज के प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह, बीआरपी के प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, अमित सिंह सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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