जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। कर्मचारियों ने नियोक्ताओं पर श्रम कानूनों के उल्लंघन और शोषण का आरोप लगाते हुए सरकार से समस्याओं के समाधान की मांग की। जिला मंत्री अजय चौरसिया ने कहा कि नियोक्ताओं की ओर से विभिन्न अनुचित श्रम प्रथाओं के कारण कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि सरकारी कार्रवाई के अभाव में कर्मचारियों के अवैध स्थानांतरण, काम रोकने और नौकरी से हटाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार वेतन और यात्रा खर्च का भुगतान फर्जी कारणों का हवाला देकर रोक दिया जाता है। उन्होंने बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम समेत अन्य श्रम कानूनों के पालन की मांग की। मांगपत्र में चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, निश्चित अवधि रोजगार पर रोक, छंटनी व स्थानांतरण रोकने, समय से पूरा वेतन देने, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से निगरानी पर रोक और वैधानिक कार्य नियम बनाने की मांग शामिल है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये प्रतिमाह तथा ईपीएस पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम नौ हजार रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की मांग की गई।


