बरसठी थाने की बैरक में हुई घटना, साथी पुलिसकर्मियों ने बचाने का किया प्रयास
बरसठी | स्थानीय थाने में तैनात एक सिपाही ने शुक्रवार सुबह थाने की आवासीय बैरक में विषाक्त पदार्थ (सल्फॉस) का सेवन कर लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद साथियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह कुछ मात्रा में सल्फॉस निगल चुका था। आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरसठी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत में सुधार बताया।मिर्जापुर जनपद के लालपुर गांव निवासी कांस्टेबल विवेक गौड़ पुत्र विनोद पिछले दो वर्ष से अधिक समय से बरसठी थाने में तैनात हैं।

वह थाने में हेड मुहर्रिर (मुंशी) का कार्य देख रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर आने से पहले उनकी परिवार के लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इसके कुछ समय बाद वह थाने की आवासीय बैरक में पहुंचे और सल्फॉस घोलकर पी लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, साथी पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से सल्फॉस की कटोरी छीनने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह कुछ मात्रा में विषाक्त पदार्थ निगल चुके थे। हालत बिगड़ते ही उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।इधर घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं विजय चौधरी तथा क्षेत्राधिकारी सदर परमानंद कुशवाहा अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सकों से कांस्टेबल के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रारंभिक जानकारी में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। थाने में यह भी चर्चा है कि सल्फॉस का सेवन करने से पहले विवेक गौड़ ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था, इस जीवन में कोई नहीं अपना, सब मतलब के हैं। हालांकि पुलिस ने पारिवारिक विवाद और सोशल मीडिया स्टेटस की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।मामले को लेकर क्षेत्र में भी दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस संबंध में थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने बताया कि समय रहते उपचार मिलने से कांस्टेबल की हालत अब खतरे से बाहर है। उनके परिजन अस्पताल पहुंच चुके हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।


