जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना की तर्ज पर ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य जनपद के विशिष्ट व्यंजनों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, उनकी गुणवत्ता और विपणन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज आशुतोष सहाय पाठक ने दी।
उन्होंने बताया कि जौनपुर के लिए इमरती, एटमबम मिठाई और जौनपुर मूली को चिन्हित व्यंजन के रूप में चयनित किया गया है। इनसे जुड़े उद्यमियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक पैकेजिंग, फूड टेस्टिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने, कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर, क्लाउड किचन सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं की स्थापना के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी, 25 से 50 लाख रुपये की परियोजनाओं पर निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान, 50 से 150 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर अधिकतम 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा 150 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी के रूप में प्रदान की जाएगी।
सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग श्रेणी के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत अंशदान स्वयं वहन करना होगा। परियोजना लागत में भूमि खरीद को छोड़कर पूंजीगत व्यय तथा कार्यशील पूंजी का एक चक्र शामिल रहेगा।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति एमएसएमई विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, जौनपुर के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क किया जा सकता है।

