रामपुर, जौनपुर। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को रामपुर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। अस्पताल पर प्रसूता के कथित गलत इलाज का आरोप लगाया गया था। जांच में शिकायत के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता आसिफ अली ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उन्होंने 11 जनवरी को अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। डिलीवरी के दौरान अस्पताल में लापरवाही बरती गई और गलत उपचार किया गया।
आसिफ अली का आरोप है कि उनकी पत्नी को कमर में गलत इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों को उन्हें तत्काल वाराणसी के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां लंबे समय तक उनका उपचार चला।
पीड़ित परिवार का कहना है कि पत्नी के इलाज में लगभग दो से तीन लाख रुपये तक खर्च करने पड़े। आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करने के बाद उन्होंने न्याय की मांग करते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल के अभिलेख, उपचार संबंधी दस्तावेजों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। सोमवार को जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कृष्णा हॉस्पिटल को सील करने का आदेश जारी कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने अस्पताल को बंद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं।
अस्पताल सील किए जाने की खबर फैलते ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की नियमित जांच और निगरानी की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और लापरवाही करने वाले संस्थानों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


