जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र में सोमवार को एक मंदिर में दो नाबालिगों की कथित जबरन शादी कराने की कोशिश उस समय विफल हो गई, जब सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने विवाह की चल रही रस्मों को तत्काल रुकवाते हुए मामले में शामिल लोगों को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, चंदवक थाना क्षेत्र स्थित ब्रह्मा बाबा मंदिर में एक नाबालिग लड़का और नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही चंदवक पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाह की प्रक्रिया को बीच में ही रुकवा दिया।
चंदवक थाना प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शादी कथित रूप से पैसे के लेन-देन के आधार पर कराई जा रही थी। पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि आखिर किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, शिवरामपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति पर इस पूरे आयोजन की व्यवस्था कराने का आरोप है। वहीं हिरासत में लिए गए कुछ लोग केराकत थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। सभी से अलग-अलग पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें विवाह की तैयारियां और मौके पर मौजूद लोगों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले दोनों नाबालिगों की वास्तविक उम्र की पुष्टि की जा रही है। इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, शैक्षिक अभिलेख समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि दोनों की उम्र कानूनी विवाह योग्य आयु से कम पाई जाती है तो मामले में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका नाबालिगों की शादी कराने, साजिश रचने या आर्थिक लाभ लेने में सामने आती है तो उसके खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि नाबालिगों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


