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    ‘जौनपुरिया स्वाभिमान संवाद’ अभियान का खाका तैयार, पलायन नहीं प्रगति बनेगी नई पहचान: मनीष नारायण चौरसिया

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    जौनपुर के पुनर्जागरण का संकल्प, विकास और स्वाभिमान को जनआंदोलन बनाने की पहल

    जौनपुर। जौनपुर की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और विकास की संभावनाओं को केंद्र में रखकर ‘जौनपुरिया स्वाभिमान संवाद’ अभियान की अवधारणा प्रस्तुत की गई है। अभियान का उद्देश्य केवल जनसंवाद तक सीमित नहीं, बल्कि जनपद के प्रत्येक नागरिक में अपने जिले के प्रति स्वाभिमान, अपनापन और विकास में सहभागिता की भावना को मजबूत करना है। अभियान का मूल संदेश है— “जौनपुर का मान, हमारा स्वाभिमान – पलायन से प्रगति की ओर।”

    पलायन नहीं, निवेश और रोजगार बने पहचान

    अभियान के तहत जौनपुर को श्रमिक पलायन वाले जिले की छवि से बाहर निकालकर निवेश, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके लिए स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर युवाओं को जनपद में ही रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

    सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच

    अभियान में जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिराज-ए-हिंद के नाम से प्रसिद्ध जौनपुर के शाही पुल, अटाला मस्जिद, जौनपुरी इत्र और प्रसिद्ध इमरती जैसे स्थानीय उत्पादों और विरासत को वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    प्रवासी जौनपुरियों को जोड़ा जाएगा विकास से

    अभियान की एक महत्वपूर्ण योजना देश-विदेश में रहने वाले प्रवासी जौनपुरियों को अपने जनपद के विकास से जोड़ना है। इसके तहत मुंबई, दिल्ली, सूरत सहित अन्य शहरों और विदेशों में बसे सफल जौनपुर मूल के लोगों से डिजिटल संवाद स्थापित कर उन्हें जनपद में निवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के मार्गदर्शन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रवासी नागरिकों को ‘जौनपुर रत्न’ सम्मान देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    युवा, शिक्षा और कौशल विकास पर रहेगा विशेष फोकस

    अभियान के अंतर्गत जौनपुर को कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार का केंद्र बनाने की वकालत की गई है। निजी क्षेत्र के सहयोग से कौशल विकास केंद्र स्थापित करने तथा महाविद्यालयों में ‘युवा संसद’ आयोजित कर ‘भविष्य का जौनपुर’ विषय पर विद्यार्थियों के सुझाव लेने की योजना भी इसमें शामिल है।

    स्वाभिमान यात्रा और इन्वेस्टर मीट का प्रस्ताव

    अभियान के तहत जनपद के सभी विकास खंडों में ‘स्वाभिमान यात्रा’ निकालने, प्रवासी उद्योगपतियों को आमंत्रित कर ‘जौनपुरिया इन्वेस्टर मीट’ आयोजित करने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जौनपुर की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति भी तैयार की गई है।

    कृषि, स्वास्थ्य और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    प्रस्तावित योजना में कृषि आधारित उद्योगों के विकास, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना, किसानों को उद्यमिता से जोड़ने और कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और प्रतिवर्ष भव्य ‘जौनपुर महोत्सव’ आयोजित कर जनपद की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का भी सुझाव दिया गया है।

    ‘हर जौनपुरिया की भागीदारी से होगा विकास’

    अभियान की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए मनीष नारायण चौरसिया ने कहा कि जौनपुर प्रतिभाओं की भूमि है, लेकिन रोजगार और अवसरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को पलायन करना पड़ता है। यदि स्थानीय स्तर पर शिक्षा, उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं तो जौनपुर आत्मनिर्भर विकास का नया मॉडल बन सकता है। उन्होंने कहा कि ‘जौनपुरिया स्वाभिमान संवाद’ एक जनजागरण अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज, युवाओं, प्रवासी नागरिकों, उद्यमियों और बुद्धिजीवियों की साझा भागीदारी से जनपद के विकास को नई दिशा देना है।

    उन्होंने कहा कि अभियान का मूल संकल्प स्पष्ट है— “जौनपुर अब केवल पलायन की पहचान नहीं बनेगा, बल्कि अवसर, उद्यम, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र बनेगा। जौनपुर बढ़ेगा, तो हर जौनपुरिया का स्वाभिमान भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।”

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