मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
जफराबाद, जौनपुर। नगर पंचायत जफराबाद में सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए वाटर फ्रीजर एवं आरओ प्लांट की स्थापना में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपों की जांच शनिवार को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अजय कुमार अम्बष्ट ने मौके पर पहुंचकर की। उन्होंने सातों स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत प्राक्कलन (स्टीमेट) के अनुरूप कराए गए निर्माण की पड़ताल की।
17 जून को मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत
शेखवाड़ा निवासी शाह दाउद अहमद ने 17 जून को मुख्यमंत्री से शिकायत कर आरोप लगाया था कि नगर पंचायत जफराबाद में वाटर फ्रीजर एवं आरओ स्थापना कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। शिकायत में चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी।
33.25 लाख रुपये के कार्य में अनियमितता का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, शेखवाड़ा हाजी बाबा मैदान, मखदूमपुर मंदिर के पास, रामजी चौरसिया के घर के पास, नासही स्थित यूनियन बैंक के पास, सैयदअलीपुर मस्जिद के पास सहित सात सार्वजनिक स्थानों पर वाटर फ्रीजर, आरओ और सुरक्षा केबिन शेड लगाने के लिए कुल 33.25 लाख रुपये (प्रति यूनिट 4.75 लाख रुपये) का बजट स्वीकृत किया गया था।
आरोप है कि कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जबकि ठेकेदार को रनिंग पेमेंट भी कर दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा केबिन शेड, जो बजट का हिस्सा थे, कई स्थानों पर नहीं लगाए गए और चार गुना तक अधिक दरों के बिल लगाकर भुगतान कराया गया।
अंतिम भुगतान रोकने और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता शाह दाउद अहमद ने प्रशासन से ठेकेदार का अंतिम भुगतान रोकने तथा कथित अनियमितताओं में शामिल चेयरमैन, ईओ, जेई और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीआरओ अजय कुमार अम्बष्ट ने सभी स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नगर पंचायत की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

