दो सप्ताह पहले दिए गए थे निर्देश, सिर्फ ओआरएस वितरण तक सिमटी कार्रवाई
जौनपुर। इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे करीब 250 जूनियर एवं सीनियर खिलाड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अब तक नहीं हो सका है। दो सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने स्टेडियम का निरीक्षण कर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण और ओआरएस वितरण के निर्देश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई चिकित्सकीय टीम नहीं भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह से खिलाड़ियों की सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला के प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया था कि दो दिनों के भीतर खिलाड़ियों को ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जाएं तथा चिकित्सकों की टीम गठित कर सभी खिलाड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद दो सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी करंजाकला स्वास्थ्य केंद्र से कोई चिकित्सकीय टीम स्टेडियम नहीं पहुंची है।
स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को आए दिन विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे आसपास के निजी चिकित्सकों से उपचार लेकर अभ्यास जारी रखने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य परीक्षण न होने से खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।
इस संबंध में जिला क्रीड़ा कार्यालय की ओर से भी कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
क्या बोले जिला क्रीड़ा अधिकारी
“जिलाधिकारी के आदेश पर 19 मई को ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों में वितरित किया गया था, लेकिन स्वास्थ्य परीक्षण भी आवश्यक था। जिलाधिकारी का इस संबंध में स्पष्ट निर्देश था। अभी तक खिलाड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सका है, जबकि यह अत्यंत जरूरी है।” — चंदन सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जौनपुर