जौनपुर। यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), सिद्धिकपुर में कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्री जंक्शन) योजना के तहत चयनित 21 अभ्यर्थियों का 13 दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि एग्री जंक्शन केंद्र किसानों के लिए वन स्टॉप शॉप के रूप में कार्य करेंगे, जहां बीज, उर्वरक, कीटनाशक, जैव उत्पाद, कृषि यंत्र, सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा आधुनिक खेती से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक संबंधी सलाह, फसल प्रबंधन, बाजार की जानकारी, कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने, उपकरणों की मरम्मत तथा कृषि उत्पादों के विपणन और प्रसंस्करण की सुविधा भी मिलेगी।
उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि प्रत्येक एग्री जंक्शन केंद्र की लागत लगभग 4.22 लाख रुपये निर्धारित है। इसके लिए 3.50 लाख रुपये तक का बैंक ऋण तथा 7.5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की व्यवस्था है। प्रथम वर्ष में किराया सहायता सहित प्रति केंद्र 77,900 रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
आरसेटी निदेशक उपेंद्र कुमार ने कहा कि इस योजना से किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश और उचित परामर्श एक ही स्थान पर मिलने से लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ संकाय अभिषेक दुबे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यालय सहायक जगदीश गौड़ सहित सभी प्रशिक्षु उपस्थित रहे।


