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    सोने की बिक्री पर रोक की चर्चा से ज्वेलरी कारोबारियों में चिंता

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    विनीत सेठ बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि, लेकिन रोजगार भी सुरक्षित रहे

    जौनपुर। स्वर्ण व्यापारी और समाजसेवी विनीत सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा है कि देशहित में केंद्र सरकार जो भी निर्णय लेती है, व्यापारी समाज उसका सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि यदि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार किसी विशेष योजना या कदम पर विचार कर रही है, तो व्यापारी वर्ग हमेशा सरकार के साथ खड़ा रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि सोने की खपत और बिक्री पर लंबे समय तक रोक लगाने जैसा कोई निर्णय लिया जाता है, तो इसका असर सीधे ज्वेलरी उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों पर पड़ेगा। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

    लाखों परिवारों का सहारा है स्वर्ण कारोबार

    विनीत सेठ ने कहा कि सोने का व्यापार केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित नहीं है। इस उद्योग से छोटे कारीगर, आर्टिसन, सुनार, ज्वेलरी दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी, डिजाइनर, पॉलिश करने वाले मजदूर और परिवहन से जुड़े लोग भी अपनी आजीविका चलाते हैं। उन्होंने बताया कि देश के कई छोटे शहरों और कस्बों में हजारों परिवार पूरी तरह ज्वेलरी कारोबार पर निर्भर हैं। यदि बिक्री बंद होती है या व्यापार लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यम वर्ग के कारीगरों को होगी। उनका कहना है कि बड़े व्यापारी किसी तरह कुछ समय तक स्थिति संभाल सकते हैं, लेकिन रोज कमाकर परिवार चलाने वाले कारीगरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

    सरकार से संतुलित निर्णय लेने की अपील

    विनीत सेठ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सरकार ऐसा संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकाले, जिससे देशहित भी सुरक्षित रहे और ज्वेलरी उद्योग से जुड़े लोगों के रोजगार पर भी असर न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार को कोई भी नीति बनाते समय उन करोड़ों लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनका जीवन इस व्यापार पर निर्भर है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार ऐसा निर्णय लेगी, जिसमें राष्ट्रीय हित के साथ-साथ व्यापारियों और कामगारों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।

    भारतीय संस्कृति से जुड़ा है सोना

    उन्होंने कहा कि भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। शादी-विवाह, त्योहार और धार्मिक आयोजनों में सोने का विशेष महत्व होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अपनी बचत को सोने के रूप में सुरक्षित रखते हैं। ऐसे में यदि सोने की बिक्री प्रभावित होती है, तो इसका असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्थाओं पर भी दिखाई देगा।

    रोजगार बचाने पर दिया जोर

    विनीत सेठ ने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ रोजगार भी सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज हमेशा देशहित में सरकार का सहयोग करता आया है और आगे भी करता रहेगा, लेकिन किसी भी फैसले से आम लोगों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार व्यापारियों, कारीगरों और उद्योग से जुड़े सभी वर्गों की चिंताओं को समझेगी और ऐसा रास्ता निकालेगी, जिससे देश और समाज दोनों का हित सुरक्षित रह सके।

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