समान शिक्षा अधिकार को लेकर संगोष्ठी एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
जौनपुर। सिपाह स्थित राजमंडल, डॉ. अजीत कपूर के निकट डीडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की शाखा पर आज समान शिक्षा अधिकार एवं महिला-पुरुष समानता को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं पुरुषों के लिए समान शिक्षा के अधिकार, बदलते सामाजिक परिवेश तथा आधुनिक भारत में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज की युवा पीढ़ी महिला और पुरुष के बीच भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। समाज में मौजूद विभिन्न कुरीतियों और रूढ़ियों से संघर्ष करते हुए आधुनिक युग की महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नए इतिहास रच रही हैं।

आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल स्वप्निल श्रीवास्तव ने कहा कि आज महिलाएँ पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर पहुँचे हैं, उसकी मजबूत नींव शिक्षा है। सभी को शिक्षित करना जरूरी है, लेकिन शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करना नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा वह है, जो व्यक्ति के संस्कार, व्यक्तित्व और ज्ञान को मजबूत बनाए तथा उसे समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की क्षमता प्रदान करे। शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने अधिकारों को समझता है, बल्कि वंचित और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाने में सक्षम होता है। कार्यक्रम में डीडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के विभिन्न सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें दिलरूबा परवीन, महरूबा परवीन, रूबी यादव, बबिता निषाद, यामिश, नेहा, शुग्रा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और समान शिक्षा एवं महिला-पुरुष समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल छह विद्यार्थियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित एवं उत्साहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था की संचालिका आर. डी. सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि डीडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन केवल बच्चों के स्किल डेवलपमेंट और शिक्षा के लिए ही कार्य नहीं कर रहा है, बल्कि संस्था अपनी स्थापना के समय से ही समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। संस्था का उद्देश्य है कि स्त्री-पुरुष के बीच भेदभाव, जाति एवं उपजाति के आधार पर भेदभाव तथा धर्म के प्रति हीन भावना जैसी सामाजिक बुराइयाँ समाप्त हों और बच्चों में समानता, सम्मान एवं जागरूकता की भावना विकसित हो। इन्हीं विचारों और संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जलपान ग्रहण किया और एक-दूसरे का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।


