जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी शिवकुमार उर्फ झालू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 33 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार सुजानगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 26 अप्रैल 2021 की शाम उसकी 14 वर्षीय पुत्री को पड़ोसी शिवकुमार उर्फ झालू बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। काफी खोजबीन के बाद भी किशोरी का पता नहीं चला। पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी करीब एक माह 10 दिन बाद किशोरी को लेकर वापस आया।
पीड़िता ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि गांव का ही शिवकुमार अपने मित्र गोरखू और अभिषेक की मदद से उसे ट्रेन से दिल्ली ले गया था। वहां उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की गई और आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के दौरान शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी और रमेश चंद्र पाल ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के परिशीलन के बाद अदालत ने शिवकुमार उर्फ झालू को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाया। न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

