
राम के विलाप पर नम हुईं दर्शकों की आंखें, भूतहा की ऐतिहासिक रामलीला का समापन

जौनपुर। बक्शा ब्लॉक के भूतहा गांव में आदर्श श्री सीताराम धर्म मंडल रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला का रविवार को भावपूर्ण मंचन के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध के प्रसंगों का मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ी। लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने और प्रभु श्रीराम के विलाप का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख सजल सिंह ने फीता काटकर किया। शिक्षक संघ के महामंत्री संजय सिंह और रामलीला प्रबंधक सुनील सिंह ने भगवान श्रीराम और माता सीता की आरती उतारी।
मुख्य अतिथि सजल सिंह ने कहा कि भूतहा गांव की रामलीला की खासियत यह है कि इसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर विभिन्न किरदारों का मंचन करते हैं। यह पूरे समाज और गांव के लिए मिसाल है। ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारा और सामाजिक सद्भाव मजबूत होता है। सभी को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
मंचन के दौरान मेघनाथ के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर रामादल में शोक छा गया। प्रभु श्रीराम ने हनुमान को सुषेण वैद्य के बताए द्रोणागिरि पर्वत से संजीवनी बूटी लाने के लिए भेजा। इस दौरान श्रीराम का विलाप देखकर दर्शक भावुक हो उठे। हनुमान के संजीवनी लेकर लौटने और सुषेण वैद्य के उपचार से लक्ष्मण के होश में आने पर रामादल में खुशी की लहर दौड़ गई। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
राम की भूमिका विपिन सिंह, लक्ष्मण की शिंकू सिंह, हनुमान की सुशील सिंह बच्चा, अंगद की सुशील सिंह अध्यापक, सुग्रीव की सुधीर सिंह राजा, मेघनाथ की अंकुर सिंह, विभीषण की कुलदीप सिंह और रावण की भूमिका राजन सिंह ने निभाई।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सत्यम सिंह, उपाध्यक्ष मयंक सिंह, डायरेक्टर मनोज श्रीवास्तव, प्रधान स्वेजल विवेक सिंह, कोषाध्यक्ष बाबादिन सहित सत्य प्रकाश सिंह, डीके सिंह, डब्लू सिंह, अंश सिंह, सोनू सिंह, सतीश सिंह बब्बू, पंकज सिंह, सौरभ सिंह, हर्षित, आयुष और आर्यन सिंह मौजूद रहे।








