
सुरक्षित एप्लीकेशन के लिए हैश फाइल जरूरी : डॉ. अनुप गिरधर

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में चल रही छह दिवसीय कार्यशाला ‘सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट’ के तीसरे दिन छात्रों को वेब एप्लीकेशन और इंटरैक्टिव वेबसाइट बनाने की सुरक्षित तकनीकें सिखाई गईं।
कार्यशाला आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के सहयोग से 05 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार तैयार करना है। कार्यशाला कुलपति प्रो. आर. के. सिंह की प्रेरणा से आयोजित की जा रही है।
चौथे दिन के मुख्य विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रख्यात साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनुप गिरधर ने छात्रों को डेटाबेस सुरक्षा और सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट की बारीकियों से अवगत कराया। तकनीकी सत्र का शुभारंभ संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने अतिथि का स्वागत कर किया तथा छात्रों को लगन के साथ शोध तथा नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए कक्षा में संस्थान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया। प्रो. सौरभ पाल ने छात्रों को साइबर सिक्योरिटी, एआई, मशीन लर्निंग जैसी तकनीक में शोध कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
डॉ. गिरधर ने कहा कि आज हर एप्लीकेशन का आधार डेटाबेस है, और यदि डेटाबेस सुरक्षित नहीं है तो पूरी एप्लीकेशन असुरक्षित है। उन्होंने हैश फाइल के अनुप्रयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पासवर्ड को सीधे डेटाबेस में स्टोर करना सबसे बड़ी गलती है। पासवर्ड को हमेशा हैश फॉर्मेट में स्टोर करना चाहिए ताकि हैक होने की स्थिति में भी यूजर का डेटा सुरक्षित रहे। उन्होंने MD5, SHA-256 जैसी हैशिंग तकनीकों को लाइव डेमो के माध्यम से समझाया।
इसके साथ ही उन्होंने वेब एप्लीकेशन डेवलपमेंट की पूरी प्रक्रिया समझाई। कैसे एक इंटरैक्टिव वेबसाइट बनाई जाती है, उसमें यूजर ऑथेंटिकेशन कैसे सुरक्षित रखा जाता है और फ्रंट-एंड से लेकर बैक-एंड तक सुरक्षा मानकों को कैसे लागू किया जाता है, इस पर उन्होंने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अंत में संयोजक डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्र ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया इस दौरान प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो नूपुर गोयल, प्रियंका जायसवाल सहित 90 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।








