
त्योहारों से पहले पुलिस का मेगा रिव्यू, अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश

वाराणसी। आगामी दुर्गा पूजा, शारदीय नवरात्रि और दशहरा को देखते हुए वाराणसी जोन में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बुधवार को व्यापक समीक्षा बैठक हुई। अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोड़ा ने प्रेरणा सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोन के सभी रेंज और जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की।
बैठक में प्रमुख अपराधों के अनावरण, लंबित विवेचनाओं और माल निस्तारण, आईजीआरएस एवं जनशिकायतों के समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण, वांछित तथा पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी और सक्रिय अपराधियों की निगरानी की स्थिति पर चर्चा हुई। साइबर अपराध, शरीर एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के साथ ई-साक्ष्य, ई-समन, सीसीटीएनएस, ई-ऑफिस, आई-गॉट, नेटग्रिड, गांडीव समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की गई।
एडीजी ने 45 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जनपदों को सुधार के निर्देश दिए। 1 अगस्त से 15 सितंबर 2026 के बीच वाराणसी जोन में 62 पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई।
बैठक में 60/90 दिन की विवेचनाओं, ई-साक्ष्य, ई-समन और अपहृता बरामदगी समेत विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा हुई। पुलिस के अनुसार आईजीआरएस में वाराणसी जोन को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। मऊ, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जनपदों के बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख किया गया, जबकि कुछ जिलों को सुधार के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब, मादक पदार्थ, गो-तस्करी और साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित कर एसओपी और विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। गैंगस्टर, एनडीपीएस, अवैध हथियार, शराब तस्करी और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में नेटवर्क व सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच के निर्देश दिए गए।
एडीजी ने पुलिस परेड में अधिकारियों की भागीदारी, जनपदीय संसाधनों के निरीक्षण और आदेश कक्ष की कार्रवाई पर भी जोर दिया। साथ ही घटनाओं की सूचना समय से मीडिया को देने तथा आवश्यकता के अनुसार सोशल मीडिया सेल के माध्यम से आधिकारिक बयान जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने एनडीपीएस और पीआरवी-112 की कार्यप्रणाली से जुड़े सुझाव भी प्रस्तुत किए।









