
ट्रेन में छूटे तीन मासूम बच्चों को जीआरपी ने मां से मिलाया

जौनपुर। श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान मां से बिछड़े तीन मासूम बच्चों को जीआरपी जौनपुर पुलिस ने सकुशल बरामद कर उनकी मां के सुपुर्द कर दिया। बच्चों को सुरक्षित पाकर मां भावुक हो उठीं और जीआरपी पुलिस के प्रति आभार जताया। पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे जोन प्रयागराज एन. कोलान्ची, पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज प्रशान्त वर्मा तथा पुलिस उपाधीक्षक रेलवे वाराणसी कुंवर प्रभात सिंह के निर्देश पर रेल अपराधों की रोकथाम और ऑपरेशन मुस्कान के तहत ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 24 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 12391 श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कोच संख्या एस-5 में जीआरपी पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को तीन बच्चे अकेले और रोते-बिलखते मिले। बच्चों की पहचान छह वर्षीय स्वाति, चार वर्षीय प्रिन्स और करीब एक वर्षीय पीयूष के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों बच्चों को तत्काल अपनी सुरक्षा में लेकर उनकी देखभाल शुरू की। पूछताछ और उचित माध्यम से बच्चों की मां श्रीमती सोनी देवी से संपर्क किया गया और उन्हें थाना जीआरपी जौनपुर बुलाया गया। जानकारी के अनुसार, वाराणसी कैंट स्टेशन पर सोनी देवी पानी लेने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी थीं। इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और उनके तीनों बच्चे ट्रेन में ही रह गए।
थाना जीआरपी जौनपुर पहुंचने पर पुलिस ने पहचान और आवश्यक वैधानिक तस्दीक पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को उनकी मां सोनी देवी के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चों को सकुशल पाकर मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने जीआरपी जौनपुर पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों का आभार जताया। बच्चों को सकुशल मां तक पहुंचाने वाली टीम में थानाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड़, उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार पटेल, हेड कांस्टेबल राजकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार तथा महिला कांस्टेबल मीना सोनकर शामिल रहीं।








