
केले की खेती से समृद्धि की ओर बढ़े किसान भौम प्रकाश सिंह

10 बीघे में केले की खेती से 12 से 15 लाख रुपये तक कमा रहे शुद्ध लाभ, उद्यान विभाग की योजनाओं से मिला सहयोग
जौनपुर। जनपद के किसान भौम प्रकाश सिंह ने मेहनत और खेती में बदलाव के जरिए अपनी आय बढ़ाने की मिसाल पेश की है। वर्ष 1993 से कृषि कार्य से जुड़े भौम प्रकाश सिंह ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाया और वर्तमान में करीब 10 बीघे क्षेत्रफल में केले की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि केले की खेती उनके लिए आमदनी का बेहतर माध्यम साबित हुई है।
भौम प्रकाश सिंह के अनुसार, करीब 10 बीघे में केले की फसल से उन्हें 18 से 20 लाख रुपये तक का कुल उत्पादन एवं व्यवसाय प्राप्त होता है। फसल की लागत, मजदूरी और अन्य खर्च निकालने के बाद उन्हें करीब 12 से 15 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो जाता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है और खेती के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ा है।
खेत पर ही पहुंच जाते हैं व्यापारी
केले की फसल के विपणन के संबंध में भौम प्रकाश सिंह बताते हैं कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए बाजार तक जाने में विशेष परेशानी नहीं उठानी पड़ती। व्यापारी स्वयं उनके खेत पर पहुंचते हैं और केले की फसल खरीदकर ले जाते हैं। इससे परिवहन का खर्च और बाजार तक उपज ले जाने की अतिरिक्त परेशानी कम हो जाती है। साथ ही समय की भी बचत होती है।
उद्यान विभाग की योजनाओं से मिला सहयोग
किसान भौम प्रकाश सिंह ने बताया कि केले की खेती के लिए उन्हें उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत पौधों पर मिलने वाले अनुदान एवं सहायता का लाभ भी मिला। सरकारी योजनाओं से प्राप्त सहयोग से उन्हें केले की खेती को व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिली और उत्पादन को लाभकारी बनाने में सहायता मिली।
आधुनिक खेती अपनाने की अपील
अपने अनुभव साझा करते हुए भौम प्रकाश सिंह ने किसान भाइयों से आधुनिक और लाभकारी खेती की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यान विभाग से संपर्क कर विभागीय योजनाओं की जानकारी लेनी चाहिए और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केले की खेती में अच्छी संभावनाएं हैं। सही तकनीक, उचित प्रबंधन और बाजार की उपलब्धता के साथ किसान इस फसल के माध्यम से बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय के नए रास्ते खोल सकते हैं।








