जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, सर्पदंश और डेंगू को लेकर दिए जरूरी निर्देश
जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जननी शिशु सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी एंबुलेंस में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों से संबंधित जानकारी का स्टीकर चस्पा किया जाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को एंबुलेंस में उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को पूरी तरह क्रियाशील रखने और उनमें सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
टीबी मरीजों के उपचार और देखभाल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को मास्क लगाने के साथ ही उपचार और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाए। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
सर्पदंश की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के मामले में मरीज का तत्काल और सतर्कता के साथ उपचार किया जाए, ताकि जनपद में सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके। अधिक सर्पदंश वाले गांवों में ग्राम प्रधानों को बुलाकर जागरूक करने तथा ग्रामीणों के बीच बचाव और प्राथमिक सावधानियों से संबंधित पर्चे वितरित कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद में चिन्हित डेंगू मरीजों के उपचार और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से चलाने तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आरोग्य मेलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इनका आयोजन निर्धारित समय और मानकों के अनुसार किया जाए, ताकि आमजन को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे संस्थानों को किसी भी स्थिति में संचालित न होने दिया जाए और उन्हें हर हाल में बंद कराया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की ओर से संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम, सभी एमओआईसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


