
क्यूएस रैंकिंग में पूर्वांचल विश्वविद्यालय की बढ़ी वैश्विक साख


प्रदेश के विश्वविद्यालयों और संस्थाओं में सातवें स्थान पर
दक्षिण एशिया में नौ स्थान का सुधार, शोध पत्रों के उद्धरण में 29 प्रतिशत की वृद्धि
मड़ियाहूं पीजी कॉलेज में छह नवंबर को लगेगा वृहद रोजगार मेला, 50 से अधिक कंपनियां करेंगी प्रतिभागजौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने क्यूएस (QS) विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता का परिचय दिया है । क्यूएस दक्षिण एशिया विश्वविद्यालय रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने नौ स्थान की छलांग लगाते हुए वर्ष 2026 के 397वें स्थान से आगे बढ़कर वर्ष 2027 में 388वाँ स्थान हासिल किया है । वहीं, क्यूएस एशिया विश्वविद्यालय रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने 1201–1300 के रैंकिंग बैंड में अपनी स्थिति बनाए रखी है ।
क्यूएस दक्षिण एशिया विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में शामिल प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय सातवें स्थान पर रहा है । यह उपलब्धि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा के परिदृश्य में विश्वविद्यालय की बढ़ती पहचान को दर्शाती है ।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है । आने वाले वर्षों में क्यूएस रैंकिंग में विश्वविद्यालय की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए सभी शिक्षक, शोधार्थी, अधिकारी एवं कर्मचारी मिलकर योजनाबद्ध ढंग से प्रयास करेंगे । शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है ।
रैंकिंग के आंकड़ों के अनुसार, विश्वविद्यालय के समग्र एशिया स्कोर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । वर्ष 2026 में 10.3 रहा स्कोर वर्ष 2027 में बढ़कर 13.8 हो गया है । इसी तरह रैंकिंग में विश्वविद्यालय द्वारा पीछे छोड़े गए संस्थानों का प्रतिशत 15.3 से बढ़कर 24.7 हो गया है ।
शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का प्रदर्शन विशेष रूप से बेहतर हुआ है । विश्वविद्यालय के शोध-पत्रों की संख्या में लगभग 17 प्रतिशत तथा शोध-पत्रों को प्राप्त उद्धरणों (Citations) में लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है । नॉर्मलाइज्ड साइटेशन में भी लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है । इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, पीएचडी उपाधिधारक शिक्षकों से संबंधित संकेतक में भी विश्वविद्यालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है।
उत्तर प्रदेश के स्तर पर भी विश्वविद्यालय ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है ।




